रांची में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत पर प्रशासन सतर्क, समय पर बुकिंग करने की नसीहत

रांची में एलपीजी सिलेंडर की किल्लत पर प्रशासन सतर्क, समय पर बुकिंग करने की नसीहत

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 10, 2026, 2:57:00 PM

रांची में घरेलू रसोई गैस की कमी को लेकर फैल रही चर्चाओं के बीच जिला प्रशासन ने स्थिति को लेकर स्पष्टता दी है। अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल शहर में एलपीजी सिलेंडरों की उपलब्धता सामान्य है और आपूर्ति व्यवस्था सुचारु रूप से चल रही है। किसी भी तरह की घबराहट की आवश्यकता नहीं है।

स्थिति की समीक्षा के लिए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी कुमार रजत की अध्यक्षता में गैस कंपनियों और वितरण एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ एक ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में हाल के दिनों में सिलेंडर वितरण से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई और आपूर्ति व्यवस्था की वर्तमान स्थिति का आकलन किया गया।

बैठक के दौरान गैस कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि हाल ही में होली के त्योहार के समय आपूर्ति श्रृंखला में कुछ दिनों के लिए व्यवधान उत्पन्न हो गया था, जिससे सिलेंडर वितरण प्रभावित हुआ। हालांकि अब वह स्थिति पूरी तरह सामान्य हो चुकी है और एजेंसियों के माध्यम से नियमित रूप से सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है।

प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घरेलू उपयोग के 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग समय रहते करा लें। अधिकारियों के मुताबिक यदि उपभोक्ता लगभग 25 दिन पहले बुकिंग करते हैं, तो उन्हें बिना किसी परेशानी के समय पर सिलेंडर मिल सकेगा। सामान्य परिस्थितियों में बुकिंग के बाद दो से तीन दिनों के भीतर उपभोक्ताओं तक होम डिलीवरी पहुंचाई जा रही है।

इसके अलावा प्रशासन ने यह भी जानकारी दी कि अगर किसी उपभोक्ता का सिलेंडर तय अवधि से पहले खत्म हो जाता है, तो वह 5 किलोग्राम या 2 किलोग्राम के छोटे सिलेंडर भी प्राप्त कर सकता है। इसके लिए संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क कर घर तक डिलीवरी की सुविधा ली जा सकती है।

जिला आपूर्ति पदाधिकारी रामगोपाल पांडेय ने कहा कि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की दिक्कत न हो, इसके लिए जिला प्रशासन लगातार गैस कंपनियों और एजेंसियों के संपर्क में है। साथ ही छोटे सिलेंडरों की उपलब्धता और उनके वितरण की व्यवस्था पर भी नियमित रूप से नजर रखी जा रही है, ताकि जरूरत पड़ने पर उपभोक्ताओं को वैकल्पिक सुविधा तुरंत उपलब्ध कराई जा सके।