झारखंड के विभिन्न जिलों में रामनवमी का पर्व पूरे उल्लास और धार्मिक भावना के साथ मनाया जा रहा है। सुबह से ही राम और हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें देखी गईं, जहां भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव को लेकर विशेष उत्साह नजर आया। मंदिर परिसरों में पारंपरिक रूप से पुराने ध्वजों को हटाकर नए धर्मध्वज स्थापित किए गए, जिससे वातावरण भक्तिमय बना रहा।
चैत्र नवरात्र के समापन के अवसर पर राज्यभर में घरों और मंदिरों में हवन-पूजन का आयोजन हुआ। इसके साथ ही कन्या पूजन और ब्राह्मण भोज जैसी धार्मिक परंपराएं भी निभाई गईं। दोपहर के बाद विभिन्न जिलों में रामनवमी महासमितियों की ओर से भव्य शोभायात्राएं निकाली जानी हैं, जिनमें पारंपरिक युद्धकला जैसे लाठी और तलवारबाजी के प्रदर्शन आकर्षण का केंद्र होंगे।
पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। राज्य के संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त चौकसी बरती जा रही है और सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अफवाह या तनाव की स्थिति न बने। इसके लिए झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप), इंडियन रिजर्व बटालियन और गृह रक्षा वाहिनी के हजारों जवानों को तैनात किया गया है। साथ ही, प्रशिक्षु और नवपदस्थापित डीएसपी को भी सुरक्षा ड्यूटी में लगाया गया है। पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों को खुफिया तंत्र सक्रिय रखने और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजधानी रांची में यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष प्लान लागू किया गया है। 27 मार्च को दोपहर 12:30 बजे से रात 12:30 बजे तक शहर में ऑटो और ई-रिक्शा का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा, सुबह 8 बजे से अगले 20 घंटे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक रहेगी, जिन्हें वैकल्पिक रूप से रिंग रोड का उपयोग करने की सलाह दी गई है। प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है और बिना अनुमति किसी भी वाहन को आगे बढ़ने की इजाजत नहीं दी जा रही।
धार्मिक जुलूसों के दौरान रांची में विभिन्न अखाड़ों का जमावड़ा भी देखने को मिलेगा। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले अखाड़े सर्जना चौक के पास एकत्रित होकर मुख्य मार्ग से होते हुए तपोवन मंदिर तक पहुंचेंगे, जहां धर्मध्वज का पूजन किया जाएगा।
वहीं, कोडरमा जिले में झुमरीतिलैया स्थित प्रखंड मैदान में मुख्य आयोजन होगा, जहां कई समितियां अपने जुलूस और झांकियों के साथ भाग लेंगी। बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित करने की भी व्यवस्था की गई है।
जुलूस मार्गों की निगरानी के लिए प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया है। रांची में ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे रूट पर नजर रखी जाएगी, जबकि ऊंची इमारतों और छतों पर भी सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। पहले से चिन्हित संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है, ताकि पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।