राज्यसभा चुनाव को लेकर चरम पर रोमांच, वोटिंग से पहले दलों ने बढ़ाई चौकसी

राज्यसभा चुनाव को लेकर चरम पर रोमांच, वोटिंग से पहले दलों ने बढ़ाई चौकसी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 17, 2026, 3:45:00 PM

झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपने-अपने विधायकों पर नजर रखने और मतदान प्रक्रिया की निगरानी के लिए विशेष रणनीति तैयार कर ली है। संभावित क्रॉस वोटिंग की आशंकाओं के बीच प्रमुख दलों ने पार्टी, पोलिंग और काउंटिंग एजेंटों की नियुक्ति कर चुनावी प्रबंधन को मजबूत करने का प्रयास किया है।

कांग्रेस ने इस बार अपने विधायकों के मतदान पर पैनी नजर रखने की जिम्मेदारी प्रदेश प्रभारी के. राजू और सिरिबेल्ला प्रसाद को सौंपी है। दोनों नेताओं को पार्टी एजेंट बनाया गया है। उनकी भूमिका मतदान के दौरान कांग्रेस विधायकों के मतपत्रों की जांच करना और यह सुनिश्चित करना होगा कि पार्टी के निर्देशों का पालन हो। राजनीतिक हलकों में इसे क्रॉस वोटिंग की संभावनाओं पर अंकुश लगाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

मतदान केंद्र पर निगरानी के लिए कांग्रेस ने केशव महतो कमलेश और बंधु तिर्की को पोलिंग एजेंट नियुक्त किया है। ये दोनों नेता मतदान की प्रगति पर नजर रखेंगे और यह भी देखेंगे कि किन विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया है तथा कौन अभी मतदान से वंचित है। मतगणना के दौरान पार्टी का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी वरिष्ठ नेता डॉ. सैयद नासिर और मंत्री राधाकृष्ण किशोर को दी गई है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव में पार्टी एजेंटों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि वे मतदान के दौरान विधायकों के मतपत्रों की वैधता और पार्टी लाइन के अनुरूप मतदान की निगरानी करते हैं। झारखंड की राजनीति में पहले भी ऐसे अवसर सामने आए हैं जब विधायकों और एजेंटों की मिलीभगत से क्रॉस वोटिंग की घटनाएं चर्चा में रही हैं।

भारतीय जनता पार्टी ने भी चुनावी प्रक्रिया के लिए अपनी टीम तय कर दी है। अमर बाउरी और नवीन जायसवाल को पार्टी एजेंट बनाया गया है, जबकि अनंत ओझा और विकास प्रीतम को पोलिंग एजेंट की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मतगणना के समय पार्टी की ओर से भानू प्रताप शाही और राज सिन्हा प्रतिनिधित्व करेंगे।

झारखंड मुक्ति मोर्चा ने अपने 34 विधायकों के मतदान पर नजर रखने के लिए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू और पार्टी महासचिव विनोद कुमार पांडेय को पार्टी एजेंट नियुक्त किया है। दोनों नेता यह सुनिश्चित करेंगे कि पार्टी विधायक निर्धारित रणनीति के अनुसार मतदान करें। वहीं, मिथिलेश ठाकुर और फागू बेसरा को पोलिंग एजेंट बनाया गया है। हालांकि, पार्टी ने अभी तक अपने काउंटिंग एजेंटों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं।

राष्ट्रीय जनता दल ने वरिष्ठ नेता भोला यादव पर भरोसा जताते हुए उन्हें पार्टी और पोलिंग एजेंट, दोनों की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं मतगणना से संबंधित प्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी कांग्रेस के पास रहने दी गई है। दूसरी ओर, माले ने गायत्री मंडल और हलधर महतो को पार्टी तथा पोलिंग एजेंट के रूप में नामित किया है।

राज्यसभा चुनाव के मद्देनजर विभिन्न दलों द्वारा की गई इन नियुक्तियों से स्पष्ट है कि इस बार मतदान प्रक्रिया के दौरान अनुशासन बनाए रखने और किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग को रोकने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।