रेलवे बोर्ड ने दिया सख्त निर्देश, अब सिर्फ ‘चालक दल एप’ पर दर्ज होंगी रनिंग रूम की शिकायतें

रेलवे बोर्ड ने दिया सख्त निर्देश, अब सिर्फ ‘चालक दल एप’ पर दर्ज होंगी रनिंग रूम की शिकायतें

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 10, 2026, 3:35:00 PM

ट्रेन संचालन से जुड़े लोको पायलट और अन्य रनिंग स्टाफ को पर्याप्त आराम और सुविधाएं न मिलने की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा पर असर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने रनिंग रूम से जुड़ी शिकायतों की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब किसी भी तरह की शिकायत केवल क्रिस (CRIS) द्वारा विकसित ‘चालक दल एप’ के माध्यम से ही दर्ज की जाएगी।

रेलवे बोर्ड को जानकारी मिली थी कि कई जोन और मंडलों में अब भी रनिंग रूम की समस्याएं पुराने तरीके से रजिस्टर में लिखी जा रही हैं। कुछ जगहों पर स्थानीय स्तर पर अलग-अलग शिकायत प्रणाली भी बनाई गई थी। बोर्ड के मुताबिक, इस वजह से शिकायतें कई बार उच्च अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाती थीं और समाधान में देरी होती थी।

एप से दर्ज शिकायतें सीधे अधिकारियों तक पहुंचेंगी

रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को निर्देश दिया है कि वे रनिंग स्टाफ को जागरूक करें और उन्हें प्रेरित करें कि रनिंग रूम से संबंधित हर परेशानी अनिवार्य रूप से चालक दल एप पर ही दर्ज करें। बोर्ड का मानना है कि इससे शिकायतों की निगरानी आसान होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और जिम्मेदारी भी तय हो सकेगी।

निर्देश में कहा गया है कि लोको पायलट, असिस्टेंट लोको पायलट और ट्रेन मैनेजर जब रनिंग रूम में रुकते हैं, तो उन्हें सुरक्षित और आरामदायक वातावरण मिलना बेहद आवश्यक है। रेलवे बोर्ड के अनुसार, बेहतर नींद और जरूरी सुविधाएं मिलने से स्टाफ की कार्यक्षमता बढ़ती है और ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित बनता है।

शिकायतें जाएंगी सीधे CMS सिस्टम में

रेलवे बोर्ड के मुताबिक, चालक दल एप में रनिंग रूम संबंधी शिकायत दर्ज करने की सुविधा पहले से उपलब्ध है। इस एप के जरिए दर्ज शिकायतें सीधे CMS (कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम) में पहुंचती हैं, जिससे संबंधित अधिकारी समस्या की जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकते हैं और समाधान प्रक्रिया तेज हो जाती है।

यह आदेश रेलवे बोर्ड के निदेशक (विद्युत अभियान्त्रिकी – पावर ट्रैक्शन) विकास आनंद द्वारा जारी किया गया है। बोर्ड को उम्मीद है कि इस नई व्यवस्था से रनिंग स्टाफ की समस्याओं का समय पर निपटारा होगा और रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।