बाबा राइस मिल से जुड़े 42 ठिकानों पर दूसरे दिन भी छापेमारी, अब तक 3 करोड़ से अधिक नकदी बरामद

बाबा राइस मिल से जुड़े 42 ठिकानों पर दूसरे दिन भी छापेमारी, अब तक 3 करोड़ से अधिक नकदी बरामद

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 31, 2026, 11:07:00 AM

आयकर विभाग की ओर से बाबा राइस मिल ग्रुप और उससे जुड़े चावल आढ़तियों के खिलाफ की जा रही बड़ी कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। गुरुवार को विभाग की टीमों ने झारखंड और बिहार के कई शहरों में एक साथ छापेमारी कर जांच को आगे बढ़ाया। इस दौरान अब तक तीन करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी और आभूषण बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।

सबसे बड़ी बरामदगी राइस मिल ग्रुप के मुख्य संचालक योगेश साहू से जुड़ी बताई जा रही है। रांची के बरियातू रोड स्थित ला विस्टा अपार्टमेंट के उनके फ्लैट से करीब 1.25 करोड़ रुपये नकद मिले हैं। जब अधिकारियों ने इस रकम के स्रोत से संबंधित कागजात मांगे, तो संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके।

रातू रोड से सवा करोड़ की नकदी

सूत्रों के अनुसार, अब तक की कार्रवाई में कुल बेहिसाब नकदी तीन करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर चुकी है। आयकर टीम को सबसे अहम सफलता योगेश साहू के रांची स्थित रातू रोड आवास से मिली, जहां से लगभग सवा करोड़ रुपये नकद जब्त किए गए। इसके अलावा अन्य ठिकानों से अलग-अलग स्थानों पर 50 लाख, 75 लाख और 10 से 20 लाख रुपये तक की रकम मिलने की सूचना है। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ यह आंकड़ा और बढ़ सकता है, क्योंकि छापेमारी शनिवार तक जारी रहने की संभावना है।

कई शहरों में एकसाथ कार्रवाई

इस व्यापक अभियान में आयकर विभाग के 500 से अधिक अधिकारी और कर्मचारी जुटे हुए हैं। छानबीन के प्रमुख ठिकानों में रांची का नगड़ी स्थित बाबा राइस मिल परिसर, हरमू स्थित कार्यालय और कांके रोड पर संचालक मनीष साहू का आवास शामिल है। जमशेदपुर में सर्किट हाउस इलाके में एक चार्टर्ड अकाउंटेंट मनोज चौधरी के घर की तलाशी ली गई।

बिहार के गया और औरंगाबाद जिलों में भी कार्रवाई तेज रही। यहां थोक कारोबारी राजेश साव और गौरीशंकर गुप्ता के आवास व गोदामों की जांच की गई। औरंगाबाद में बाबा राइस मिल और सीता राइस मिल के परिसरों को भी खंगाला गया। इसके अलावा पटना और बिहार-झारखंड के अन्य आढ़तियों के ठिकानों पर भी छापेमारी हुई।

कच्चे कागजों पर कारोबार का शक

आयकर विभाग को पहले से सूचना थी कि यह समूह कच्चे कागजों के जरिए धान और चावल का बड़े पैमाने पर लेन-देन कर रहा है, जिससे कर चोरी की जा सके। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड मिले हैं, जो बेहिसाब संपत्ति और संदिग्ध निवेश की ओर इशारा करते हैं।

फिलहाल विभाग बाबा एग्रो फूड, बाबा फूड प्रोसेसिंग और उनसे जुड़े सहयोगियों, जैसे एस. मोहंती, राज कुमार लाखोटिया और संचिता जायसवाल के बैंक खातों और निवेशों की गहन जांच कर रहा है। झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के आयकर अधिकारियों की संयुक्त टीम इस पूरे अभियान को अंजाम दे रही है। विभाग का आकलन है कि इस नेटवर्क के जरिए सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। छापेमारी पूरी होने के बाद ही जब्त संपत्ति और कर चोरी की वास्तविक राशि का खुलासा हो सकेगा।