बिना स्वामित्व दस्तावेज के भी दो किलोवाट तक का प्रोविजनल बिजली कनेक्शन संभव, गाइडलाइन जारी

बिना स्वामित्व दस्तावेज के भी दो किलोवाट तक का प्रोविजनल बिजली कनेक्शन संभव, गाइडलाइन जारी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Nov 26, 2025, 3:43:00 PM

झारखंड राज्य में अब वह भी लोग और संस्थाएं, जिनके पास किसी परिसर का वैध स्वामित्व या अधिकार संबंधी दस्तावेज नहीं हैं, सप्लाई कोड के प्रथम संशोधन रेगुलेशन 2019 के तहत दो किलोवाट तक का अस्थायी (प्रोविजनल) बिजली कनेक्शन ले सकते हैं। इस संबंध में झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने विस्तृत गाइडलाइन जारी कर दी है।

गाइडलाइन के अनुसार, ऐसे क्षेत्रों में जहां दो या उससे अधिक विद्युत वितरण कंपनियों का क्षेत्राधिकार है, वहां के उपभोक्ता अपनी सुविधा अनुसार किसी भी कंपनी से बिजली कनेक्शन ले सकते हैं।

नए कनेक्शन और शिकायत निवारण की समयसीमा:
विद्युत वितरण लाइसेंसी को यह अनिवार्य किया गया है कि नया बिजली कनेक्शन देने के लिए उपभोक्ता द्वारा आवेदन मिलने के 30 दिन के भीतर कनेक्शन उपलब्ध कराया जाए। यदि उपभोक्ता के परिसर में बिजली बाधित हो या कट गई हो, तो वे संबंधित वितरण कंपनी के शिकायत केंद्र में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर समस्या का समाधान नहीं होता है, तो आयोग के बनाए हुए स्टैंडर्ड ऑफ़ परफॉर्मेंस रेगुलेशन के तहत उपभोक्ता को हर्जाना मिलेगा।

इसके अलावा, सभी विद्युत उपभोक्ताओं को झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा तय नियमों के अनुसार जमानत राशि पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बेस रेट के अनुसार वार्षिक ब्याज प्राप्त करने का अधिकार भी है।

विद्युत उपभोक्ताओं को दिए गए अन्य अधिकार:

  • बिजली बिल: हर वितरण कंपनी को हर माह उपभोक्ताओं को बिल देना अनिवार्य है।

  • बकाया राशि: विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 56(2) के अनुसार दो वर्ष से अधिक पुराना बकाया राशि माफ़ माना जाएगा।

  • फ्यूज बदलना: ट्रांसफॉर्मर में साधारण फ्यूज उड़ने पर शहरी क्षेत्रों में अधिकतम 4 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम 24 घंटे के भीतर फ्यूज बदलना अनिवार्य है। यदि समय पर फ्यूज बदल नहीं पाया, तो वितरण कंपनी प्रत्येक प्रभावित उपभोक्ता को 25 रुपये प्रतिदिन हर्जाना देगी।

  • ट्रांसफॉर्मर बदलना: दोषपूर्ण या जले हुए ट्रांसफॉर्मर को शहरी क्षेत्रों में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे के भीतर बदलना होगा। निर्धारित समय में ट्रांसफॉर्मर बदलने में देरी होने पर प्रत्येक उपभोक्ता को 25 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से हर्जाना मिलेगा।

झारखंड में बिजली वितरण करने वाली प्रमुख कंपनियां:

  • -झारखंड राज्य बिजली वितरण निगम

  • -टाटा स्टील लिमिटेड

  • -सेल बोकारो

  • -जुस्को

  • -दामोदर घाटी कॉरपोरेशन (डीवीसी)