झारखंड में बढ़ती गर्मी और गिरते जलस्तर के बीच पेयजल व्यवस्था को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमिटी के महासचिव आलोक कुमार दूबे ने भाजपा के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोगों तक साफ पेयजल पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और भोजन जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना हेमंत सरकार की प्राथमिकता में शामिल है।
दूबे ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बीते कुछ महीनों में राष्ट्रीय नेतृत्व चुनावी गतिविधियों में व्यस्त रहा, जबकि आम लोगों की समस्याओं की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि एक ओर जहां केंद्र स्तर पर राजनीतिक कार्यक्रमों पर जोर दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी मुद्दों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया गया।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के ‘जल नल योजना’ को लेकर किए जा रहे दावों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना कागजों में सफल दिखाई जा रही है, लेकिन वास्तविकता इससे अलग है। कई इलाकों में पाइपलाइन तो बिछाई गई, लेकिन जल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी। उनका कहना था कि भारी खर्च के बावजूद आम जनता को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाया है।
भाजपा विधायकों पर भी तंज कसते हुए दूबे ने कहा कि गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने के नाम पर जारी किए गए मोबाइल नंबर महज दिखावा साबित हुए। इससे पार्टी के वादों और जमीनी सच्चाई के बीच का अंतर स्पष्ट होता है।
इसके उलट उन्होंने राज्य सरकार के प्रयासों का जिक्र करते हुए बताया कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में तेजी से चापाकल लगाए जा रहे हैं। साथ ही, विधायकों को भी इस दिशा में काम के लिए विशेष फंड दिया गया है, ताकि जल संकट से निपटा जा सके।
उन्होंने केंद्र और राज्यों के वित्तीय संबंधों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि केंद्र द्वारा दी जाने वाली राशि को उपकार की तरह प्रस्तुत करना गलत है, क्योंकि यह राज्यों का अधिकार है। उनका आरोप था कि पेयजल से जुड़े मद में राज्य की बकाया राशि समय पर जारी नहीं की जा रही है।
दूबे ने यह भी बताया कि सरकार टैंकरों के जरिए जल आपूर्ति, खराब चापाकलों की मरम्मत, नए जल स्रोतों की तलाश और पाइपलाइन विस्तार जैसे उपायों पर काम कर रही है। उनका कहना था कि सरकार का उद्देश्य है कि किसी भी हाल में लोगों को पानी की कमी का सामना न करना पड़े।
अंत में उन्होंने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि राज्य सरकार पर सवाल उठाने से पहले केंद्र की योजनाओं की स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता इन मुद्दों को समझ रही है और समय आने पर इसका जवाब देगी।