अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने के लिए पुलिस विभाग का विशेष प्रशिक्षण अभियान आज

अनुसंधान की गुणवत्ता सुधारने के लिए पुलिस विभाग का विशेष प्रशिक्षण अभियान आज

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 07, 2026, 10:57:00 AM

झारखंड में नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पुलिस विभाग ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में 7 मई को राज्य स्तरीय एक दिवसीय रिफ्रेशन ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भाग लेंगे। यह कार्यक्रम पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर रांची स्थित अनुसंधान प्रशिक्षण विद्यालय में आयोजित किया जा रहा है।

इस प्रशिक्षण का फोकस केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीन नए आपराधिक कानूनों; भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 की व्यावहारिक समझ विकसित करना है। पुलिस अधिकारियों को इन कानूनों के तहत बदलती प्रक्रियाओं और नए प्रावधानों की जानकारी दी जाएगी, ताकि जांच और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य पुलिस बल के आईपीएस अधिकारियों और फील्ड स्तर पर कार्यरत अफसरों को नए कानूनी ढांचे के अनुरूप प्रशिक्षित करना है। विभाग का मानना है कि इससे अनुसंधान प्रणाली की गुणवत्ता बेहतर होगी और मामलों की जांच में पारदर्शिता व दक्षता बढ़ेगी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम को हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जाएगा, जिससे दूरदराज के जिलों में तैनात अधिकारी भी ऑनलाइन माध्यम से जुड़ सकें। रांची, जमशेदपुर और धनबाद के एसएसपी के अलावा सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों, झारखंड जगुआर तथा रेल पुलिस इकाइयों के अधिकारियों की भागीदारी अनिवार्य की गई है।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ अधिकारी और विधि जानकार नए कानूनों के अनुसार केस डायरी तैयार करने, साक्ष्य संकलन की नई प्रक्रिया और अदालतों में अनुसंधान से जुड़े परिवर्तित नियमों पर विस्तार से जानकारी देंगे। पुलिस विभाग का उद्देश्य है कि नए आपराधिक कानूनों को राज्य में जमीनी स्तर पर प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।