सदर अस्पताल में कार्यरत फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. वीरेंद्र महतो की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। बीती रात करीब 10 से 11 बजे के बीच उनका शव अस्पताल परिसर से बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है, हालांकि घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने इस घटना पर गंभीर सवाल उठाते हुए अस्पताल के भीतर किसी साजिश की आशंका व्यक्त की है।
घटना की सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल से एक कथित सुसाइड नोट भी बरामद किया है, जिसे फोरेंसिक और अन्य जांच प्रक्रियाओं के तहत परखा जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।
मृतक के परिजनों का कहना है कि डॉ. वीरेंद्र महतो पारिवारिक स्तर पर किसी तनाव से नहीं गुजर रहे थे और उनके आत्महत्या जैसा कदम उठाने की कोई वजह नजर नहीं आती। उनका आरोप है कि अस्पताल में हुई किसी घटना या साजिश की वजह से यह मामला सामने आया हो सकता है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष, गहन और पारदर्शी जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
घटना के बाद अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। इस दौरान काफी देर तक अस्पताल के सिविल सर्जन और उपाधीक्षक के मौके पर नहीं पहुंचने को लेकर भी परिजनों ने नाराजगी जताई।
मामले पर सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। उन्होंने कहा कि मृतक के मोबाइल फोन की जांच में ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़े कई संदेश मिले हैं। साथ ही यह भी सामने आया है कि घटना से पहले शाम करीब साढ़े पांच बजे डॉ. महतो ने अपनी पत्नी के बैंक खाते में 95 हजार रुपये स्थानांतरित किए थे।
पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट, मोबाइल डेटा, वित्तीय लेन-देन और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की विस्तृत जांच की जा रही है। जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों पर अंतिम निष्कर्ष सामने आएगा।