झारखंड की वन व्यवस्था को लेकर PCCF संजीव कुमार ने तय किया 10 साल का रोडमैप, अफसरों को दिए सख्त निर्देश

झारखंड की वन व्यवस्था को लेकर PCCF संजीव कुमार ने तय किया 10 साल का रोडमैप, अफसरों को दिए सख्त निर्देश

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 02, 2026, 3:44:00 PM

झारखंड में वन प्रशासन को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुखी बनाने के लिए प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) संजीव कुमार ने विभागीय अधिकारियों को तेज़ी से काम करने का स्पष्ट संदेश दिया है। इस संबंध में उन्होंने राज्य के सभी वरिष्ठ वन अधिकारियों को एक विस्तृत निर्देश पत्र जारी किया है।

पीसीसीएफ ने आदेश दिया है कि राज्य के प्रत्येक वन पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र के लिए अगले दस वर्षों की कार्ययोजना (विजन डॉक्यूमेंट) तैयार करें और इसे एक माह के भीतर विभाग को सौंपें। इसके साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित सभी योजनाओं को तय समयसीमा में और प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष बल दिया गया है। विभागीय फोकस ग्रुप को भी अधिक जवाबदेही के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

न्यायालयों में लंबित मामलों को लेकर पीसीसीएफ ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सभी लंबित वादों के शीघ्र निपटारे के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने और उनकी नियमित समीक्षा करने को कहा है। सेवा से जुड़े मामलों—जैसे एसीपी, एमएसीपी, पदोन्नति, भर्ती नियमावली निर्माण—को भी प्राथमिकता सूची में रखते हुए जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

वन अधिकारियों को अपने दैनिक कार्यों की समीक्षा के लिए डायरी निरीक्षण अनिवार्य रूप से करने को कहा गया है, ताकि कार्यों को उनकी संवेदनशीलता और महत्व के अनुसार अंजाम दिया जा सके। वन और वन्य प्राणी संरक्षण के विषय में भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। वन्य प्राणी से प्रभावित लोगों को मिलने वाले मुआवजे का भुगतान बिना देरी के करने पर खास जोर दिया गया है।

इसके अलावा वन अपराध, अवैध खनन और अवैध कटाई पर सख्त नियंत्रण लगाने के निर्देश दिए गए हैं। वन क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। पीसीसीएफ संजीव कुमार का कहना है कि इन पहलों से झारखंड में वन संरक्षण को नई मजबूती मिलेगी और विभाग की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी व प्रभावी बनेगी।