यात्रीगण कृपया ध्यान दें! तय स्टेशन पर नहीं चढ़े तो सीट तुरंत हो जाएगी अलॉट, TTE करेगा ‘नॉट टर्नअप’ एंट्री

यात्रीगण कृपया ध्यान दें! तय स्टेशन पर नहीं चढ़े तो सीट तुरंत हो जाएगी अलॉट, TTE करेगा ‘नॉट टर्नअप’ एंट्री

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 05, 2026, 3:05:00 PM

भारतीय रेलवे अपने बोर्डिंग नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है, जिसका सीधा असर ट्रेन से यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ेगा। नए प्रस्तावित नियमों के तहत यदि कोई यात्री अपने निर्धारित बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ता, तो अब टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) अगले स्टेशन तक इंतजार नहीं करेगा।

नई व्यवस्था में जैसे ही ट्रेन यात्री के बोर्डिंग स्टेशन से आगे निकल जाएगी और संबंधित यात्री सीट पर मौजूद नहीं मिलेगा, TTE अपने हैंडहेल्ड डिवाइस (EFT) में तत्काल ‘Not Turn Up’ की एंट्री दर्ज कर देगा। इसके बाद सिस्टम उस बर्थ को खाली मानते हुए उसे तुरंत किसी अन्य पात्र यात्री को आवंटित कर देगा।

वेटिंग और RAC यात्रियों को होगा सीधा फायदा

रेलवे के इस बदलाव को उन यात्रियों के लिए राहत के तौर पर देखा जा रहा है जो वेटिंग लिस्ट या RAC टिकट पर सफर करते हैं। क्योंकि TTE द्वारा खाली सीट की जानकारी सिस्टम में डालते ही नया सॉफ्टवेयर ऑटोमैटिक तरीके से अगली वेटिंग लिस्ट वाले यात्री को बर्थ अलॉट कर देगा।

इतना ही नहीं, सीट कन्फर्म होते ही संबंधित यात्री के मोबाइल पर SMS अलर्ट भेजा जाएगा, जिसमें यह जानकारी होगी कि उसकी सीट किस कोच में कन्फर्म हुई है। 

सूत्रों के मुताबिक रेलवे मंत्रालय ने इस बदलाव को लागू करने के लिए रेल सूचना प्रणाली केंद्र (CRIS) को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। उद्देश्य यह है कि ट्रेनों में खाली रह जाने वाली सीटों का सही तरीके से उपयोग हो सके और सीट आवंटन प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित बनाई जा सके।

हर ट्रेन में 3 से 5 फीसदी सीटें रह जाती हैं खाली

रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, लगभग हर ट्रेन में 3 से 5 प्रतिशत यात्री या तो अपनी यात्रा रद्द कर देते हैं या समय पर स्टेशन नहीं पहुंच पाते। ऐसे मामलों में सीटें खाली रह जाती हैं और वेटिंग वाले यात्रियों को लंबे समय तक असमंजस में रहना पड़ता है।

अब नई व्यवस्था के बाद यह प्रक्रिया रियल टाइम में अपडेट होगी और खाली सीटें तत्काल भर सकेंगी। रेलवे विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रियों को अब पहले से ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होगी। यदि कोई यात्री अपने तय स्टेशन के बजाय अगले स्टेशन से ट्रेन पकड़ना चाहता है, तो उसे चार्ट बनने से कम से कम 24 घंटे पहले बोर्डिंग स्टेशन बदलने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

यदि ऐसा नहीं किया गया, तो तय स्टेशन से ट्रेन छूटते ही सीट किसी और को दे दी जाएगी और यात्री बाद में TTE से अपनी सीट वापस मांगने का दावा भी नहीं कर पाएगा।

डिजिटल सिस्टम से पारदर्शिता बढ़ने का दावा

रेलवे के आधुनिकीकरण अभियान के तहत इसे डिजिटलीकरण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। जानकारों के अनुसार, इस तकनीकी बदलाव से सीट आवंटन प्रणाली अधिक पारदर्शी होगी और संभावित तौर पर भ्रष्टाचार में भी कमी आएगी।

फिलहाल TTE कई बार अगले स्टेशन तक इंतजार करते हैं, जिससे वेटिंग यात्रियों को सीट मिलने में देरी होती है। लेकिन नई व्यवस्था लागू होने पर यह प्रक्रिया तेज और स्वचालित हो जाएगी, जिससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।