राज्य में इस दिन से MSP पर शुरू होगी धान की खरीद, किसानों को मिलेगा डिजिटल सुविधा का लाभ

राज्य में इस दिन से MSP पर शुरू होगी धान की खरीद, किसानों को मिलेगा डिजिटल सुविधा का लाभ

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 09, 2025, 12:14:00 PM

झारखंड सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए धान खरीद प्रक्रिया को किसानों की भलाई और आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से नई दिशा दी है। राज्य में 700 से अधिक अधिप्राप्ति केंद्रों पर किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर धान खरीदा जाएगा, जिससे दूर-दराज के इलाकों के किसान भी सरकारी खरीद प्रणाली से सीधे जुड़ सकेंगे।

15 दिसंबर से शुरू होगी धान खरीद

राज्य सरकार ने घोषणा की है कि इस साल धान की खरीद 15 दिसंबर 2025 से प्रारंभ होगी। सभी जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक पंजीकृत किसानों को सरकारी खरीद केंद्रों तक लाया जाए ताकि वे बिचौलियों के दबाव में न आएं और अपने धान को MSP से कम मूल्य पर न बेचें। पिछली बार भी यही तारीख निर्धारित थी और उस वर्ष 6 लाख मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य रखा गया था।

बेहतर मूल्य और शीघ्र भुगतान

झारखंड सरकार ने तय किया है कि किसानों को धान बिक्री पर MSP और राज्य बोनस मिलाकर कुल 2450 रुपये प्रति क्विंटल भुगतान किया जाएगा। इसमें केंद्र द्वारा निर्धारित MSP के अतिरिक्त राज्य सरकार का बोनस भी शामिल है, जिसके लिए लगभग 48.60 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। खरीद के 48 घंटे के भीतर किसानों के बैंक खातों में भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

डिजिटल प्रणाली से पारदर्शिता

धान अधिप्राप्ति की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए ई-उपार्जन पोर्टल और e-POS (पॉइंट ऑफ सेल) मशीनों का उपयोग किया जाएगा। किसान पोर्टल पर पंजीकरण कर अपने नजदीकी केंद्र में स्लॉट बुक कर सकते हैं, जिससे लंबी कतारों और प्रतीक्षा समय में कमी आएगी। पुराने 2G POS मशीनों की जगह अब तेज 4G डिवाइस लगाए जा रहे हैं, जिससे इंटरनेट कनेक्टिविटी बेहतर होगी और भुगतान प्रक्रिया तेजी से पूरी होगी।

इस पहल से होगा किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लाभ

इस योजना से झारखंड के लाखों धान उगाने वाले किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है। MSP, बोनस, समय पर भुगतान और डिजिटल निगरानी से फसल का सही मूल्य सुनिश्चित होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी और शिकायतों की संभावना कम होगी।

4G POS मशीन और तेज भुगतान

इस साल दो बड़े बदलाव किए गए हैं: पहला, किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान। दूसरा, पुराने 2G POS मशीनों के स्थान पर 4G POS मशीन का उपयोग, जिससे भुगतान और लेनदेन में आसानी होगी।