झारखंड में MSP पर धान अधिप्राप्ति शुरू, किसानों ने समय से खरीद की उठाई मांग

झारखंड में MSP पर धान अधिप्राप्ति शुरू, किसानों ने समय से खरीद की उठाई मांग

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Dec 15, 2025, 4:17:00 PM

झारखंड में आज, 15 दिसंबर से राज्य सरकार की ओर से धान की सरकारी खरीद प्रक्रिया की शुरुआत कर दी गई है। इस खरीफ सीजन में सरकार ने 2,51,072 पंजीकृत किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,450 रुपये प्रति क्विंटल की दर से लगभग 60 लाख क्विंटल धान अधिग्रहित करने का लक्ष्य तय किया है।

राज्यभर में गठित 834 धान अधिप्राप्ति केंद्रों में से पहले चरण में 82 केंद्रों पर खरीद शुरू की गई। राजधानी रांची के नामकुम स्थित लैम्प्स में इस अभियान का औपचारिक शुभारंभ जिला आपूर्ति पदाधिकारी राम गोपाल पांडे ने किया।

किसानों की चिंता: देर से शुरू होती है खरीद

धान खरीद की शुरुआत के मौके पर किसानों ने अपनी समस्याएं भी खुलकर रखीं। उनका कहना था कि यदि सरकार नवंबर के दूसरे सप्ताह से ही धान खरीद शुरू कर दे और भुगतान समय पर हो, तो उन्हें बिचौलियों के पास फसल बेचने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ेगा। किसानों के अनुसार हर साल खरीद प्रक्रिया में देरी होती है, जबकि पैसों की तत्काल जरूरत के कारण वे कम दाम पर धान बेचने को विवश हो जाते हैं।

गड़बड़ी रोकने को नई व्यवस्था

सरकार ने इस बार धान अधिप्राप्ति में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नई तकनीकी व्यवस्था लागू की है। पहले जहां 2जी पॉस मशीन का उपयोग होता था, अब 4जी आधारित पॉस मशीनों से लेन-देन किया जा रहा है। इसके साथ ही भुगतान से पहले प्रतिदिन किसानों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए सरकारीकर्मी या जनसेवक द्वारा पंचिंग अनिवार्य कर दी गई है।

जिला आपूर्ति पदाधिकारी राम गोपाल पांडे ने बताया कि रांची जिले में कुल 43 धान अधिप्राप्ति केंद्र सक्रिय हैं। किसानों को भुगतान में किसी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए दो करोड़ रुपये की राशि पहले ही उपलब्ध करा दी गई है। सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, धान बेचने के दो से सात दिनों के भीतर राशि डीबीटी के माध्यम से किसानों के खातों में भेज दी जाएगी।

लैम्प्स प्रबंधन का भरोसा

नामकुम लैम्प्स के प्रबंधक नीरज कुमार ने बताया कि केवल पंजीकृत किसानों से ही धान खरीदा जा रहा है। किसानों को एसएमएस के जरिए निर्धारित तिथि की सूचना दी जाती है, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी हो सके। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भुगतान तय समयसीमा के भीतर कर दिया जाएगा।

लैम्प्स की अध्यक्ष आरती कुजूर ने कहा कि इस वर्ष अच्छी बारिश के कारण धान की पैदावार बेहतर रही है। उन्हें उम्मीद है कि किसान बड़ी संख्या में अधिप्राप्ति केंद्रों पर धान लेकर आएंगे। सरकार के निर्णय के अनुसार, सभी लैम्प्स में 31 मार्च 2026 तक धान खरीद जारी रहेगी।

गढ़वा में भी शुरू हुई खरीद

गढ़वा जिले में भी सोमवार से धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर खरीद की शुरुआत हुई। गढ़वा सदर प्रखंड के दुबे मरहटिया गांव में उपायुक्त दिनेश यादव ने इस प्रक्रिया का उद्घाटन किया। हालांकि यहां कई छोटे किसानों ने पहले ही अपना धान बाजार में बेच दिया है। किसानों ने शिकायत की कि यदि क्रय केंद्र समय से खुलते, तो उन्हें कम कीमत पर फसल नहीं बेचनी पड़ती।

उपायुक्त दिनेश यादव ने किसानों को आश्वासन दिया कि इस बार धान बेचने के एक सप्ताह के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा। उन्होंने अपील की कि किसान अपने नजदीकी पैक्स केंद्रों पर ही धान बेचें और सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं का पूरा लाभ उठाएं।