संसद का बजट सत्र 2026 अब तक भारी राजनीतिक तनाव और हंगामे के बीच गुजर रहा है। हालात ऐसे हैं कि विपक्ष के लगातार विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही रोजाना बाधित हो रही है। सोमवार को भी लोकसभा की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनटों बाद स्थगित करनी पड़ी।
संसदीय सूत्रों के अनुसार विपक्षी दल अब लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जिससे सदन की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं।
जनरल नरवणे की ‘अनपब्लिश्ड’ यादों का हवाला बना विवाद
पिछले सप्ताह सदन में उस समय विवाद और बढ़ गया जब राहुल गांधी ने चीन के साथ 2020 में हुए गतिरोध का जिक्र करते हुए पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल एम.एम. नरवणे की कथित ‘अनपब्लिश्ड’ (अप्रकाशित) स्मृतियों का हवाला दिया। इसके बाद सदन में जोरदार शोर-शराबा हुआ और लोकसभा स्पीकर ने राहुल गांधी को निर्देश दिया कि वे अप्रकाशित साहित्य का उल्लेख न करें। स्पीकर ने उसे पढ़ने की अनुमति भी नहीं दी।
इस बीच 5 फरवरी को स्पीकर ओम बिरला के बयान ने भी चर्चा को और तेज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सदन में न आने का अनुरोध किया था। स्पीकर के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि कुछ कांग्रेस सांसद प्रधानमंत्री की सीट तक पहुंच सकते हैं और “ऐसी घटना कर सकते हैं जो पहले कभी नहीं हुई।”
भारत-अमेरिका ट्रेड फ्रेमवर्क पर चर्चा की मांग, सदन फिर ठप
सोमवार को लोकसभा में कोई विधायी कार्य नहीं हो सका। विपक्षी सांसद भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार ढांचे (India-US Interim Trade Framework) पर चर्चा की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। प्रश्नकाल शुरू होते ही विरोध तेज हो गया।
स्पीकर ओम बिरला ने सदन में शांति बनाए रखने और मर्यादा का पालन करने की अपील की, लेकिन हंगामा नहीं रुका। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सोमवार को संसद के दोनों सदनों में केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा जारी रहनी थी। यह बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को पेश किया था, जो उनके लगातार नौवें बजट के रूप में दर्ज हुआ है।