बजट सत्र के अंतिम दिन सदन में गूंजे जनहित के मुद्दे, कोल्ड स्टोरेज, डैम और बिजली बिल को लेकर सरकार से जवाब-तलब

बजट सत्र के अंतिम दिन सदन में गूंजे जनहित के मुद्दे, कोल्ड स्टोरेज, डैम और बिजली बिल को लेकर सरकार से जवाब-तलब

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 18, 2026, 11:42:00 AM

झारखंड विधानसभा के मौजूदा सत्र के अंतिम दिन सदन में राज्य से जुड़े बुनियादी मुद्दों पर गंभीर चर्चा देखने को मिली। जल संसाधन, कृषि भंडारण और ऊर्जा व्यवस्था जैसे विषयों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान विधायक सरयू राय और जयराम महतो ने आम जनता से जुड़े कई अहम सवाल उठाए और सरकार से स्पष्ट जवाब मांगा।

लातेहार जिले के चंदवा स्थित जगराहा डैम का मुद्दा प्रमुख रूप से सामने आया। सरयू राय ने इसे एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक जल स्रोत बताते हुए इसके संरक्षण और सौंदर्यीकरण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यहां से लगातार स्वच्छ पानी निकलता है, जो इसे खास बनाता है। हालांकि, जल संसाधन विभाग ने स्वामित्व के मुद्दे का हवाला देते हुए इस पर सीधे हस्तक्षेप से दूरी बनाई। इस पर मंत्री हफीजुल हसन ने बताया कि मौजूदा नियमों के तहत केवल बड़े सरकारी जलाशयों का ही विकास किया जाता है और संबंधित डैम निजी श्रेणी में आता है। साथ ही उन्होंने संकेत दिया कि सरकार एक नई नीति पर काम कर रही है, जिसके लागू होने पर छोटे जलाशयों के जीर्णोद्धार का रास्ता खुल सकता है।

वहीं, जयराम महतो ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्याप्त कोल्ड स्टोरेज की कमी के कारण किसानों को अपनी उपज कम कीमत पर बेचनी पड़ती है। प्रस्तावित भंडारण क्षमता पर भी उन्होंने सवाल खड़े किए। जवाब में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की अनुशंसा के आधार पर कोल्ड स्टोरेज स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही महतो ने यह भी जानना चाहा कि क्या भंडारित अनाज के आधार पर किसानों को ऋण सुविधा मिल सकती है। इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है और इसके लिए आवश्यक प्रमाणन राज्य के पास उपलब्ध नहीं है। वर्तमान में किसानों को केवल किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से ही ऋण मिल रहा है।

ऊर्जा विभाग से जुड़े मुद्दों पर भी सदन में सरकार को घेरा गया। जयराम महतो ने विभाग में खाली पदों और उपभोक्ताओं को मिल रहे कथित रूप से गलत बिजली बिलों का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री योगेंद्र महतो ने भरोसा दिलाया कि नई नियमावली तैयार है और कैबिनेट की मंजूरी मिलते ही नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं, बिजली बिल में गड़बड़ी को लेकर उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि उपभोक्ता गलत बिल के प्रमाण प्रस्तुत करते हैं, तो उसमें सुधार के साथ-साथ जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जाएगी।

सत्र के अंतिम दिन हुई इस चर्चा ने राज्य की बुनियादी चुनौतियों को उजागर किया, साथ ही सरकार के सामने इन मुद्दों के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत को भी रेखांकित किया।