धुर्वा से लापता मासूम भाई-बहन का अब तक नहीं मिला सुराग, सूचना देने पर 2-2 लाख रुपये इनाम की घोषणा

धुर्वा से लापता मासूम भाई-बहन का अब तक नहीं मिला सुराग, सूचना देने पर 2-2 लाख रुपये इनाम की घोषणा

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 12, 2026, 11:26:00 AM

झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र में 2 जनवरी 2026 को लापता हुए दो नन्हे भाई-बहन का अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक ने आम नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी देने वालों के लिए नकद इनाम की घोषणा की है।

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अंश कुमार और अंशिका कुमारी के संबंध में पुख्ता सूचना देने वाले व्यक्ति को प्रति बच्चे 2 लाख रुपये, यानी कुल 4 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। साथ ही, सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

जनता से पुलिस की अपील

वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रांची की ओर से जारी अपील में कहा गया है कि यदि किसी को भी इन दोनों बच्चों के बारे में कोई जानकारी मिले, या वे कहीं दिखाई दें, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाना अथवा धुर्वा थाना को सूचित करें। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से बच्चों की सुरक्षित बरामदगी की संभावना मजबूत होती है।

कपड़ों से हो सकती है पहचान

पुलिस द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार, 5 वर्षीय अंश कुमार लापता होने के समय पीले रंग की टी-शर्ट और नीले रंग का हाफ पैंट पहने हुए था। वहीं, 4 वर्षीय अंशिका कुमारी नीले रंग की टी-शर्ट और नीली जींस में थी। दोनों बच्चों के पिता का नाम सुनील कुमार बताया गया है।

संपर्क नंबर जारी, तलाश तेज

रांची पुलिस ने संबंधित अधिकारियों और धुर्वा थाना के संपर्क नंबर भी सार्वजनिक किए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की सूचना सीधे पुलिस तक पहुंच सके। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि बच्चों को सुरक्षित खोजने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं और विभिन्न स्तरों पर जांच जारी है।

गौरतलब है कि अंश कुमार और अंशिका कुमारी 2 जनवरी को धुर्वा थाना क्षेत्र में अपने घर से पास की किराना दुकान जाने के लिए निकले थे, लेकिन इसके बाद वे वापस नहीं लौटे। इस मामले में धुर्वा थाना कांड संख्या 01/2026, दिनांक 3 जनवरी 2026 को भारतीय दंड संहिता की धारा 137(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस लगातार तलाश में जुटी हुई है।