प्रतिनिधित्व नहीं तो समर्थन भी नहीं! भाजपा को चंद्रवंशी समाज का सख्त संदेश

प्रतिनिधित्व नहीं तो समर्थन भी नहीं! भाजपा को चंद्रवंशी समाज का सख्त संदेश

झारखंड प्रदेश चंद्रवंशी महासभा ने भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई पर संगठन में चंद्रवंशी समाज की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। महासभा द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में समाज को पर्याप्त भागीदारी नहीं मिलने से समुदाय के बीच असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

महासभा के पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री रवींद्र वर्मा ने कहा कि चंद्रवंशी समाज लंबे समय से भाजपा का मजबूत समर्थक रहा है। उनके अनुसार, चुनावों में बड़ी संख्या में समाज के मतदाता भाजपा के पक्ष में मतदान करते हैं और संगठन में भी बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सक्रिय हैं। इसके बावजूद जब संगठनात्मक जिम्मेदारियां और पद बांटने की बात आती है, तब समाज के नेताओं और कार्यकर्ताओं को अपेक्षित महत्व नहीं दिया जाता।

उन्होंने दावा किया कि झारखंड की 81 विधानसभा सीटों में से लगभग 30 से 35 क्षेत्रों में चंद्रवंशी समाज की प्रभावशाली उपस्थिति है, जहां समाज का वोट चुनावी परिणामों को प्रभावित करने की क्षमता रखता है। इसके बावजूद इकाई स्तर, महानगर, जिला, प्रदेश और प्रदेश कार्यसमिति तक समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। उनका आरोप है कि पिछली प्रदेश कार्यसमिति में शामिल चंद्रवंशी समाज के कुछ नेताओं के नाम भी इस बार नई कार्यसमिति से हटा दिए गए हैं।

रवींद्र वर्मा ने कहा कि इन फैसलों से समाज में गहरी नाराजगी है। उन्होंने प्रदेश भाजपा नेतृत्व से इस मुद्दे पर शीघ्र हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि यदि समय रहते प्रतिनिधित्व संबंधी शिकायतों का समाधान नहीं किया गया, तो आगामी विधानसभा चुनाव में इसका विरोध देखने को मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में समाज नए राजनीतिक विकल्पों पर विचार करने के लिए बाध्य हो सकता है।

महासभा ने चेतावनी दी कि यदि प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश संगठन मंत्री ने इस विषय पर सकारात्मक पहल नहीं की, तो इसके राजनीतिक परिणाम सामने आ सकते हैं, जिसकी जिम्मेदारी भाजपा की प्रदेश इकाई पर होगी।