टेंडर घोटाले से जुड़े करोड़ों रुपये की कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद शीर्ष अदालत ने इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 20 मार्च तय कर दी है।
यह मामला सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एम. एम. सुंदरेश्वर और जस्टिस एन. कोटीश्वर सिंह की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध था। इससे पहले 11 जुलाई को झारखंड हाईकोर्ट ने आलमगीर आलम को राहत देने से इनकार करते हुए उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट में यह फैसला जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने सुनाया था।
हाईकोर्ट से निराशा मिलने के बाद पूर्व मंत्री ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। ईडी ने आलमगीर आलम को पिछले वर्ष 15 मई को गिरफ्तार किया था और तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच एजेंसी के अनुसार, इस मामले की कड़ी उनके आप्त सचिव संजीव कुमार लाल और उनके घरेलू कर्मचारी जहांगीर आलम से जुड़ती है। एजेंसी की कार्रवाई के दौरान दोनों के ठिकानों से कथित तौर पर 32.30 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए थे। इसी बरामदगी के आधार पर ईडी ने पूर्व मंत्री की भूमिका की जांच करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया था।
अब सभी की निगाहें 20 मार्च को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां सुप्रीम कोर्ट आलमगीर आलम की जमानत पर आगे की कानूनी दिशा तय करेगा।