दुबई में फंसे झारखंड के नवविवाहित जोड़े ने सरकार से लगाई मदद की गुहार, खाड़ी तनाव से रुकी घर वापसी

दुबई में फंसे झारखंड के नवविवाहित जोड़े ने सरकार से लगाई मदद की गुहार, खाड़ी तनाव से रुकी घर वापसी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 05, 2026, 2:42:00 PM

रांची के रहने वाले अतुल उरांव और उनकी पत्नी डॉ. कंचन बाड़ा के लिए शादी के बाद की खुशियां अचानक चिंता में बदल गई हैं। जीवन की नई शुरुआत का जश्न मनाने दुबई गए यह नवदंपति खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण वहीं फंस गए हैं। जिस यात्रा को उन्होंने यादगार बनाने का सपना देखा था, वह अब अनिश्चितता और डर के साये में बदल गई है।

दरअसल, 22 फरवरी 2026 को रांची में आदिवासी पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ दोनों का विवाह हुआ था। परिवार और रिश्तेदारों की मौजूदगी में शादी के बाद 27 फरवरी को दोनों हनीमून मनाने दुबई रवाना हुए थे। उनकी वापसी 4 मार्च को तय थी, लेकिन इसी दौरान अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने खाड़ी क्षेत्र की स्थिति को संवेदनशील बना दिया। सुरक्षा कारणों से दुबई से कई उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिसके चलते हजारों पर्यटक वहां फंस गए हैं।

दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कई उड़ानों के निलंबन के कारण यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई है। शहर के कई सार्वजनिक स्थानों पर सन्नाटा देखा जा रहा है और सुरक्षा के मद्देनज़र लोगों की आवाजाही सीमित कर दी गई है।

अतुल उरांव ने बताया कि वे अपनी जिंदगी की नई शुरुआत को खास बनाने के लिए इस यात्रा पर आए थे, लेकिन दुबई पहुंचने के बाद हालात अचानक बदल गए। फ्लाइट रद्द होने की खबर ने उनकी चिंता बढ़ा दी। वहीं डॉ. कंचन बाड़ा ने कहा कि यहां का माहौल सामान्य नहीं है। सड़कों पर कम भीड़ दिखाई देती है और हर नई खबर चिंता बढ़ा देती है। उन्होंने कहा कि वे सुरक्षित हैं, लेकिन जल्द से जल्द अपने घर लौटना चाहते हैं।

उधर रांची में दोनों के परिवारों में चिंता का माहौल है। परिजन लगातार उनसे संपर्क में बने रहने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात की खबरें उनकी बेचैनी बढ़ा रही हैं। कुछ दिन पहले तक जहां घर में शादी की खुशियां थीं, अब वहीं परिवारजन उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

नवदंपति और उनके परिजनों ने राज्य सरकार से मदद की अपील की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया गया है कि इस मामले में हस्तक्षेप कर केंद्र सरकार और संयुक्त अरब अमीरात स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय स्थापित किया जाए, ताकि उनकी जल्द से जल्द सुरक्षित वापसी संभव हो सके।

परिजनों का कहना है कि खाड़ी देशों में कई झारखंडी नागरिक भी फंसे हुए हैं, इसलिए सरकार को उनकी सूची तैयार कर विशेष उड़ानों या सुरक्षित मार्ग के जरिए उन्हें वापस लाने की व्यवस्था करनी चाहिए। यह केवल एक नवविवाहित जोड़े की परेशानी नहीं, बल्कि उन कई लोगों की कहानी है जो मौजूदा अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण विदेशों में फंसे हुए हैं।