झारखंड में नई बिजली दरें लागू! 6.12% बढ़ोतरी के साथ मीटर रेंट खत्म, उपभोक्ताओं को मिली राहत

झारखंड में नई बिजली दरें लागू! 6.12% बढ़ोतरी के साथ मीटर रेंट खत्म, उपभोक्ताओं को मिली राहत

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 25, 2026, 4:28:00 PM

रांची से जारी एक महत्वपूर्ण निर्णय में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL) के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 का नया टैरिफ आदेश घोषित कर दिया गया है। राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी इस आदेश के तहत बिजली दरों में सीमित वृद्धि को मंजूरी दी गई है, जबकि उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से मीटर किराया पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है।

नए टैरिफ के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में प्रति यूनिट 55 पैसे और ग्रामीण इलाकों में 50 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है। विभिन्न उपभोक्ता श्रेणियों के लिए यह वृद्धि लगभग 50 से 80 पैसे प्रति यूनिट के बीच तय की गई है। यह संशोधन ट्रू-अप (FY 2024-25), वार्षिक प्रदर्शन समीक्षा (FY 2025-26) और 2026-27 से 2030-31 तक की बहुवर्षीय टैरिफ योजना को ध्यान में रखते हुए किया गया है। आयोग ने इस निर्णय से पहले आम जनता और अन्य हितधारकों की आपत्तियों व सुझावों पर भी विचार किया।

गौरतलब है कि JBVNL ने प्रारंभिक प्रस्ताव में करीब 59 प्रतिशत तक दरें बढ़ाने की मांग की थी, जिसे आयोग ने काफी हद तक घटाते हुए 6.12 प्रतिशत तक सीमित कर दिया। इस कटौती को उपभोक्ताओं के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। साथ ही, कृषि क्षेत्र के लिए बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

इस टैरिफ आदेश की एक बड़ी विशेषता यह है कि अब किसी भी श्रेणी के उपभोक्ता से मीटर रेंट नहीं लिया जाएगा, जिससे मासिक बिल पर सकारात्मक असर पड़ने की उम्मीद है। इसके अलावा, जो उपभोक्ता निर्धारित तिथि से पांच दिन के भीतर बिल का भुगतान करेंगे, उन्हें 2 प्रतिशत की छूट भी मिलेगी।

बिजली वितरण प्रणाली को अधिक कुशल बनाने के लिए आयोग ने वितरण हानि (डिस्ट्रिब्यूशन लॉस) को 13 प्रतिशत तक सीमित करने का निर्देश दिया है, जबकि निगम ने इससे अधिक का प्रस्ताव रखा था। साथ ही, बिलिंग प्रक्रिया को सरल बनाने, हर बिल में उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (CGRF) की जानकारी देने और शिकायतों के निपटारे के लिए वर्चुअल सुनवाई की व्यवस्था लागू करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए भी कई प्रावधान शामिल किए गए हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग के लिए सौर समय में दर 7 रुपये प्रति यूनिट और अन्य समय में 8.70 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है। वहीं, ग्रीन एनर्जी के उपयोग पर अतिरिक्त 0.95 रुपये प्रति यूनिट शुल्क निर्धारित किया गया है। रूफटॉप सोलर को प्रोत्साहित करने के लिए नेट मीटरिंग और ग्रॉस मीटरिंग के लिए अलग-अलग दरें तय की गई हैं।

इसके अलावा, प्रीपेड मीटर को बढ़ावा देने के लिए उपभोक्ताओं को ऊर्जा शुल्क पर 3 प्रतिशत की छूट देने का प्रावधान किया गया है। साथ ही, प्रीपेड मीटर लगवाने के एक महीने के भीतर उनकी सिक्योरिटी राशि लौटाने की भी व्यवस्था की गई है।

कुल मिलाकर, यह नया टैरिफ आदेश सीमित दर वृद्धि के साथ कई रियायतों को शामिल करता है, जिससे उपभोक्ताओं को राहत देने के साथ-साथ बिजली वितरण प्रणाली को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने का प्रयास किया गया है।