सारंडा में घिरा एक करोड़ का नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा, नक्सलियों के गढ़ में घुसे सुरक्षाबल के जवान

सारंडा में घिरा एक करोड़ का नक्सली कमांडर मिसिर बेसरा, नक्सलियों के गढ़ में घुसे सुरक्षाबल के जवान

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 16, 2026, 3:25:00 PM

चाईबासा के घने सारंडा जंगल एक बार फिर सुरक्षा अभियान के केंद्र में हैं, जहां सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच टकराव निर्णायक दौर में पहुंचता नजर आ रहा है। खुफिया इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने कुख्यात और एक करोड़ के इनामी नक्सली नेता मिसिर बेसरा को पकड़ने के लिए बड़े स्तर पर घेराबंदी की है। बढ़ते दबाव के बीच नक्सलियों ने गुरुवार सुबह हिंसक प्रतिक्रिया दी, जिसमें एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया।

सुबह करीब साढ़े आठ बजे छोटानागरा थाना क्षेत्र के बाबूडेरा जंगल में तलाशी अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए विस्फोटक में धमाका हुआ। इस घटना में कोबरा बटालियन-210 के जवान अभिनव कुमार मित्तल बुरी तरह जख्मी हो गए। घटना के तुरंत बाद उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर हेलीकॉप्टर से रांची भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों की टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। बीते 24 घंटों में इस अभियान के दौरान कुल छह जवान घायल हो चुके हैं।

मौके पर मौजूद सूत्रों के अनुसार, बालिबा और आसपास के क्षेत्रों में नक्सली अब रक्षात्मक रणनीति अपनाते हुए भी आक्रामक जवाब दे रहे हैं। उन्होंने लंबी दूरी बनाए रखते हुए एलएमजी और एके-47 जैसे हथियारों से सुरक्षाबलों पर लगातार फायरिंग की। करीब 500 मीटर की दूरी से की गई यह गोलीबारी संकेत देती है कि सुरक्षाबल नक्सलियों के मुख्य ठिकाने के काफी करीब पहुंच चुके हैं। माना जा रहा है कि नक्सली अपने शीर्ष नेता को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव कोशिश कर रहे हैं।

बुधवार से जारी इस अभियान में पहले भी बालिबा क्षेत्र में मुठभेड़ हुई थी, जिसमें पांच जवान घायल हुए थे। उन्हें भी इलाज के लिए रांची भेजा गया था। लगातार हो रहे हमलों के बावजूद सुरक्षाबल अभियान में डटे हुए हैं और जंगल के भीतर गहराई तक पहुंच चुके हैं।

सुरक्षा एजेंसियों का मुख्य उद्देश्य मिसिर बेसरा और उसके करीबी कमांडरों को पकड़ना है। मिली जानकारी के अनुसार, वह अपने सुरक्षा घेरे के साथ इसी इलाके में मौजूद है। इसे देखते हुए सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र में सघन घेराबंदी और सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है, ताकि किसी भी संभावित भागने के रास्ते को बंद किया जा सके।

अधिकारियों का मानना है कि लगातार चल रहे अभियानों के कारण सारंडा में नक्सलियों की पकड़ कमजोर हुई है और उनका प्रभाव अब सीमित इलाकों तक सिमट गया है। ऐसे में यह ऑपरेशन नक्सल गतिविधियों के खिलाफ एक बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।