ग्रामीण झारखंड में आजीविका के नये मॉडल पर राष्ट्रीय मंथन, परिधान व रेशम उद्योग पर JRGA फाउंडेशन का फोकस

ग्रामीण झारखंड में आजीविका के नये मॉडल पर राष्ट्रीय मंथन, परिधान व रेशम उद्योग पर JRGA फाउंडेशन का फोकस

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 29, 2026, 2:01:00 PM

ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में टिकाऊ आजीविका को मजबूती देने के उद्देश्य से रांची में एक उच्चस्तरीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की गई। यह आयोजन नीति आयोग, भारत सरकार के सहयोग से ग्रामीण विकास विभाग (झारखंड सरकार) और झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसायटी (JSLPS) द्वारा किया गया। कार्यशाला का मुख्य विषय “सतत उद्यम विकास के माध्यम से ग्रामीण एवं जनजातीय आजीविका को सशक्त बनाना” रहा।

इस राष्ट्रीय मंच पर झारखंड के गारमेंट और परिधान क्षेत्र से जुड़े प्रमुख संगठन JRGA फाउंडेशन (झारखंड रेडीमेड गारमेंट एवं अपैरल फाउंडेशन) ने सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। कार्यशाला के दौरान “ग्रामीण झारखंड में नए और नवाचारी उद्यमों की संभावनाएं” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में JRGA फाउंडेशन के अध्यक्ष अभिताभ श्रीवास्तव ने विशेष पैनलिस्ट के रूप में अपने विचार साझा किए।

अभिताभ श्रीवास्तव ने परिधान, हथकरघा, बुनकरी और रेशम आधारित उद्योगों में मौजूद अवसरों को रेखांकित करते हुए कहा कि ये क्षेत्र ग्रामीण और जनजातीय महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका का सशक्त माध्यम बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि JRGA फाउंडेशन कारीगरों, महिला उद्यमियों और छोटे उत्पादकों को कौशल विकास, बाज़ार तक पहुंच और नीतिगत सहयोग से जोड़ने की भूमिका निभा रहा है।

कार्यशाला में महिला नेतृत्व वाले सफल उद्यमों पर भी चर्चा हुई, जहां अलीशा गौतम जैसे उभरते उद्यमियों के उदाहरण सामने आए। उन्होंने स्थानीय संसाधनों और सिल्क आधारित उत्पादों के जरिए स्वरोज़गार और बाज़ार विस्तार का प्रभावी मॉडल विकसित किया है। JRGA फाउंडेशन ने बताया कि संस्था उद्यमिता मार्गदर्शन, सिल्क-हथकरघा-परिधान क्लस्टरों के विकास और उत्पादकों को थोक खरीदारों व बाज़ार से जोड़ने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

फाउंडेशन ने अपने ‘फॉरेस्ट टू फैशन’ दृष्टिकोण पर भी जोर दिया, जिसका उद्देश्य जंगल आधारित कच्चे माल से लेकर तैयार फैशन उत्पादों तक की पूरी मूल्य-श्रृंखला को मजबूत करना है, ताकि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल सके।

कार्यक्रम में मौजूद नीति-निर्माताओं और विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों ने झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को परिधान और रेशम उद्योग से जोड़ने के JRGA फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की। फाउंडेशन ने भरोसा जताया कि इस राष्ट्रीय कार्यशाला से रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण और सतत विकास के लिए झारखंड के परिधान व रेशम क्षेत्र को एक स्पष्ट और मजबूत दिशा मिलेगी।