आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में स्कूली प्रतिभाओं को आगे लाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए एसोसिएशन फॉर कंप्यूटिंग मशीनरी की भारतीय इकाई एसीएम इंडिया ने शनिवार को इंडियन नेशनल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ओलंपियाड (INAIO) 2026 शुरू करने की घोषणा की। यह पहल देशभर के छात्रों में एआई और मशीन लर्निंग की समझ विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है।
इस ओलंपियाड में कक्षा 9 से 12 तक के भारतीय छात्र भाग ले सकते हैं। इसके लिए पंजीकरण की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 तय की गई है, जबकि ऑनलाइन परीक्षा 18 जनवरी 2026 को आयोजित होगी। परीक्षा पूरी तरह लाइव प्रॉक्टरिंग के साथ होगी और इसका संचालन तकनीकी मूल्यांकन मंच HireMee द्वारा किया जाएगा।
एसीएम इंडिया के अनुसार, INAIO के नतीजों के आधार पर 2 अगस्त 2006 के बाद जन्मे योग्य छात्र इंटरनेशनल ओलंपियाड इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (IOAI) 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर पा सकेंगे। यह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता 2 से 8 अगस्त 2026 के बीच अबू धाबी में प्रस्तावित है। INAIO को IOAI में प्रवेश के लिए एक आधिकारिक और मान्यता प्राप्त मार्ग के रूप में विकसित किया गया है।
INAIO की संरचना बहु-स्तरीय मूल्यांकन पर आधारित होगी, जिसका उद्देश्य मशीन लर्निंग की बुनियादी और उन्नत अवधारणाओं की गहरी समझ के साथ-साथ वास्तविक जीवन की समस्याओं को मॉडल करने की क्षमता को मजबूत करना है। इसी प्रक्रिया के जरिए उन छात्रों का चयन किया जाएगा, जो वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।
इसके अलावा, INMO, INOI, पाणिनि लिंग्विस्टिक्स ओलंपियाड (PLO) और बेब्रास जैसे प्रतिष्ठित ओलंपियाड्स में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले छात्रों को INAIO के स्टेज-2 में सीधे प्रवेश दिया जाएगा।
आयोजकों के मुताबिक, IOAI में भागीदारी से छात्रों को अंतरराष्ट्रीय पहचान, नवाचार से जुड़ी उन्नत दक्षताएं और विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थानों में आगे की पढ़ाई के बेहतर अवसर मिल सकते हैं। राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष तीन रैंक प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को विशेष पुरस्कार दिए जाएंगे, जबकि सभी छात्रों को डिजिटल प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, पहले 500 आवेदकों को HireMee की ओर से 1,599 रुपये मूल्य की ‘करियर नेविगेशन असेसमेंट’ सुविधा निःशुल्क मिलेगी।
बयान में यह भी रेखांकित किया गया कि आने वाले वर्षों में एआई और मशीन लर्निंग इंजीनियरों, डेटा साइंटिस्ट्स तथा एआई गवर्नेंस विशेषज्ञों की मांग में तेजी से इजाफा होने की संभावना है। साथ ही, एआई आधारित खतरों के कारण साइबर सुरक्षा का परिदृश्य भी तेजी से बदल रहा है।
हाल में जारी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए एसीएम इंडिया ने बताया कि भारत में करीब 74 प्रतिशत कॉर्पोरेट नेतृत्व ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को अपनी शीर्ष तीन तकनीकी प्राथमिकताओं में शामिल किया है, जो इस क्षेत्र में उभरते अवसरों की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।