UGC विनियम के विरोध में मुखर हुये MLA सरयू राय

UGC विनियम के विरोध में मुखर हुये MLA सरयू राय

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 27, 2026, 1:37:00 PM

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा 13 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव की रोकथाम को लेकर लागू किए गए नए नियमों ने देशभर में व्यापक चर्चा को जन्म दे दिया है। इन नियमों के उद्देश्य और प्रभाव को लेकर अलग-अलग वर्गों से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इसी क्रम में जमशेदपुर पश्चिमी से विधायक सरयू राय ने इन विनियमों पर कड़ी आपत्ति जताई है।

सरयू राय का कहना है कि उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जारी किया गया यह नया नियमन प्रभावहीन साबित होगा। उन्होंने इसे “नख-दंत विहीन” बताते हुए कहा कि इसमें ऐसे प्रावधान नहीं हैं, जो वास्तव में भेदभाव को रोकने में सक्षम हों। उनके अनुसार, यह नियम बिना पर्याप्त सोच-विचार के जल्दबाजी में तैयार किया गया प्रतीत होता है।

विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि यह विनियमन न केवल अनावश्यक भ्रम पैदा करता है, बल्कि समानता के बजाय असमानता को बढ़ावा देने का खतरा भी रखता है। उन्होंने कहा कि दस्तावेज़ की प्रस्तावना और उसमें बताए गए उद्देश्य, नियमों में किए गए प्रावधानों से मेल नहीं खाते।

सरयू राय ने यूजीसी से आग्रह किया कि वह इस विनियमन पर पुनर्विचार करे और इसे मौजूदा स्वरूप में लागू करने के बजाय वापस ले। उनका मानना है कि जब तक नियम स्पष्ट, सशक्त और उद्देश्य के अनुरूप नहीं होंगे, तब तक उच्च शिक्षा में जातिगत भेदभाव जैसी गंभीर समस्या का प्रभावी समाधान संभव नहीं है।