रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बुधवार को नई दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से भेंट की। इस दौरान उन्होंने रांची को मिल रही विभिन्न रेल परियोजनाओं के लिए आभार व्यक्त किया और राजधानी रांची में यात्री सुविधाओं को बढ़ाने से संबंधित एक विस्तृत मांग पत्र उन्हें सौंपा।
सेठ ने कहा कि झारखंड की राजधानी होने के कारण प्रतिदिन रांची से बड़ी संख्या में लोग देश के विभिन्न शहरों की यात्रा करते हैं। कई प्रमुख शहरों से सीधी रेल कनेक्टिविटी नहीं होने के कारण यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में नई ट्रेनों के परिचालन और मौजूद ट्रेनों के फेरे बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।
ट्रेनों के विस्तार और नई सेवाओं की मांग
सेठ ने हटिया–आनंद विहार सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12825/12826) का रूट बढ़ाकर इसे जयपुर तक ले जाने का प्रस्ताव रखा ताकि झारखंड और राजस्थान के बीच सीधी कनेक्टिविटी विकसित हो सके।
इसके अलावा उन्होंने रांची से अहमदाबाद के लिए नई अमृत भारत एक्सप्रेस शुरू करने का अनुरोध किया, जिससे देश के कई राज्यों से रांची की संपर्क सुविधा मजबूत होगी और यात्रियों की आवाजाही आसान बनेगी।
रांची–लोहरदगा पैसेंजर ट्रेन के फेरे बढ़ाने की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया, क्योंकि स्थानीय लोगों की यह लंबे समय से मांग रही है। वहीं रांची, सिल्ली और मुरी के बीच बढ़ते यात्री दबाव को देखते हुए एक नई मेमू ट्रेन चलाने का सुझाव भी दिया गया।
अन्य महत्वपूर्ण सुझाव
हटिया–सांकी पैसेंजर/एक्सप्रेस (58663/58664/58665/58666) को बरकाकाना और हजारीबाग टाउन तक विस्तारित करने की मांग करते हुए सेठ ने कहा कि इससे लोगों को अधिक सस्ती और आसान यात्रा सुविधा मिल सकेगी।
उन्होंने रांची–बनारस वंदे भारत एक्सप्रेस को सप्ताह में तीन दिन बक्सर के रास्ते चलाने का भी प्रस्ताव रखा। इसके अतिरिक्त धरती आबा एक्सप्रेस, हटिया–पुणे एक्सप्रेस, हटिया–एलटीटी एक्सप्रेस और हटिया–बेंगलुरु एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय ट्रेनों के फेरे बढ़ाने पर भी जोर दिया।
अंत में सेठ ने कहा कि रांची क्षेत्र के लोगों की जरूरतों और भावनाओं को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय को इन सभी मांगों पर जल्द कार्रवाई करनी चाहिए और आवश्यक निर्देश जारी करने चाहिए।