देर रात टोल प्लाजा पर बवाल, महिला डॉक्टर के पति और टोल कर्मियों बीच मारपीट, जानें क्या है मामला

देर रात टोल प्लाजा पर बवाल, महिला डॉक्टर के पति और टोल कर्मियों बीच मारपीट, जानें क्या है मामला

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 04, 2026, 10:52:00 AM

अनगड़ा थाना क्षेत्र के एनएच-33 स्थित हेसल टोल प्लाजा पर सोमवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब टोल शुल्क को लेकर एक महिला चिकित्सक के पति और टोलकर्मियों के बीच विवाद बढ़ते-बढ़ते मारपीट और फायरिंग तक पहुंच गया। घटना रात करीब 12:37 बजे की बताई जा रही है। मामले में पुलिस ने मौके से एक खोखा बरामद किया है, हालांकि कथित रूप से इस्तेमाल की गई पिस्टल बरामद नहीं हो सकी है।

इस घटना को लेकर दोनों पक्षों ने मंगलवार को अनगड़ा थाना में अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कराई है। एक ओर टोल प्लाजा के मैनेजर संतोष पाठक ने शिकायत दी है, जबकि दूसरी ओर इटकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थापित डॉ. रूपम कुमारी के पति गौतम तिवारी (त्रिपाठी) ने भी मामला दर्ज कराया है।

टोल मैनेजर का आरोप: हथियार दिखाकर लूट और फायरिंग

टोल मैनेजर की ओर से दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि एक सफेद रंग की एसयूवी (नंबर JH-01 FG-1025) रामपुर की ओर से विकास की तरफ जा रही थी। वाहन में सवार लोगों ने खुद को कांके के होचर क्षेत्र का स्थानीय निवासी बताया और टोल शुल्क दिए बिना निकलने की जिद करने लगे। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मैनेजर ने दावा किया कि वाहन में मौजूद महिला बार-बार कह रही थी कि जाते समय भी टोल नहीं दिया था, तो अब क्यों दिया जाए।

इसी बीच टोलकर्मी ने वाहन में लगे फास्टैग से 70 रुपये काट लिए। इसके बाद वाहन सवार महिला और पुरुष ने बूथ नंबर 13 पर तैनात कर्मचारी विशाल उपाध्याय को बाहर बुलाया। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने विशाल की कनपटी और सीने पर पिस्टल सटाकर उसका मोबाइल और 13 हजार रुपये छीन लिए तथा उसके साथ मारपीट की। प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया गया है कि विशाल पर फायरिंग की गई, लेकिन गोली निशाना चूक जाने से उसकी जान बच गई।

डॉक्टर के पति का दावा: टोलकर्मियों ने किया हमला, पिस्टल छीनी

वहीं दूसरी ओर डॉक्टर रूपम कुमारी के पति गौतम त्रिपाठी, जो पेशे से व्यवसायी बताए गए हैं, ने अपनी शिकायत में घटना का अलग विवरण दिया है। उन्होंने कहा कि वह पत्नी और साले ज्ञानदीप के साथ पुरी से लौटकर सोमवार रात रांची के कांके अंतर्गत होचर स्थित अपने घर जा रहे थे।

उनका आरोप है कि टोल प्लाजा पर उन्होंने खुद को स्थानीय बताया, लेकिन इसके बावजूद टोल काट लिया गया और कर्मियों ने अपशब्द कहे। गौतम का कहना है कि इसी दौरान एक टोलकर्मी ने पिस्टल निकाल ली, जिसे उन्होंने साहस दिखाते हुए छीन लिया। इसके बाद जब वे वापस कार की ओर बढ़ रहे थे, तभी टोलकर्मियों ने उन्हें पटककर पीटा और उनके हाथ से पिस्टल छीन ली। उन्होंने बताया कि इस दौरान उनका साला ज्ञानदीप उन्हें बचाने के लिए कार से बाहर निकला और किसी तरह वे लोग वहां से जान बचाकर निकल पाए।

पुलिस जांच में जुटी

फायरिंग की सूचना और खोखा बरामद होने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। फिलहाल दोनों पक्षों की प्राथमिकी के आधार पर जांच की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की भी समीक्षा की जा रही है।