हजारीबाग में एक सदी से लटका भूमि सर्वे, बंदोबस्त कार्यालय की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

हजारीबाग में एक सदी से लटका भूमि सर्वे, बंदोबस्त कार्यालय की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Feb 03, 2026, 2:48:00 PM

उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के हजारीबाग जिले में भूमि सर्वेक्षण का कार्य बीते सौ वर्षों से अधिक समय से पूरा नहीं हो सका है। इस लंबे लंबित मामले को लेकर इचाक प्रखंड के दरिया गांव निवासी किशोर कुमार मेहता ने उपायुक्त सह प्रभारी बंदोबस्त पदाधिकारी शशि प्रकाश सिंह को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में भूमि सर्वे को नियमों के अनुरूप, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से शीघ्र पूरा कराने की मांग की गई है।

किशोर कुमार मेहता ने यह ज्ञापन केवल उपायुक्त को ही नहीं, बल्कि उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निदेशक और सचिव को भी भेजा है। ज्ञापन में कहा गया है कि लंबे समय से सर्वे कार्य अधूरा रहने के कारण जिले में जमीन से जुड़े विवाद बढ़ते जा रहे हैं। किसान और रैयत कानूनी उलझनों में फंस रहे हैं, जिससे आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।

कर्मियों की संख्या के बावजूद ठप पड़ा सर्वे कार्य
ज्ञापन में हजारीबाग बंदोबस्त कार्यालय की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े किए गए हैं। बताया गया है कि कार्यालय में वर्तमान में लगभग 60 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें तीन कानूनगो, 15 परिमाप निरीक्षक, छह सर्वेयर, छह मुंसरिम, तीन मोहर्रिर, नौ निम्नवर्गीय लिपिक, तीन प्रतिलिपिक और कई दैनिक कर्मचारी शामिल हैं। इसके बावजूद भूमि सर्वे की गति बेहद धीमी बताई गई है।

नियमों की अनदेखी और कार्य आवंटन पर आरोप
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि विभागीय नियमों को दरकिनार कर एक ही कर्मचारी को कई स्थानों पर जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। बरही और पदमा प्रखंडों में तस्दीक शिविर के साथ-साथ धारा 89 के कार्य भी एक साथ चल रहे हैं। आरोप है कि तस्दीक शिविर में लगाए गए कर्मियों से ही धारा 89 का कार्य भी कराया जा रहा है, जो नियमों के विरुद्ध है और इससे काम की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

विशेष कर्मचारियों पर गंभीर आरोप
बंदोबस्त मुख्यालय में प्रधान पेशकार के पद पर कार्यरत निम्नवर्गीय लिपिक राजेश कुमार का भी ज्ञापन में खास तौर पर उल्लेख किया गया है। आरोप है कि मुख्यालय में पदस्थापित रहते हुए वे बरही और पदमा दोनों प्रखंडों में तस्दीक शिविर, धारा 83 और धारा 89 के कार्यों में प्रधान पेशकार की भूमिका निभा रहे हैं। इस तरह एक ही व्यक्ति द्वारा एक साथ पांच स्थानों पर काम करना विभागीय नियमों का उल्लंघन बताया गया है।

इसके अलावा रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड में चल रहे तस्दीक शिविर और आपत्ति शिविर (धारा 83) में निम्नवर्गीय लिपिक दीपू कुमार को पेशकार बनाए जाने पर भी सवाल उठाए गए हैं। इसे विभागीय पत्र संख्या 09 सर्वे 2010 के निर्देशों के खिलाफ बताया गया है।

ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से मांग की गई है कि इन अनियमितताओं की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि हजारीबाग में वर्षों से लंबित भूमि सर्वेक्षण कार्य को निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।