राजधानी रांची के कांके थाना क्षेत्र में बुधवार को एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां एक 12 साल की बच्ची को अगवा करने का प्रयास किया गया। हालांकि, एक स्थानीय जूस विक्रेता की सतर्कता और त्वरित साहसिक कदम से यह वारदात बड़ी अनहोनी में बदलने से पहले ही विफल हो गई।
मामला कांके थाना अंतर्गत प्रेमनगर इलाके का है। जानकारी के अनुसार, बच्ची को कुछ दिन पहले कुत्ते ने काट लिया था। इसी वजह से उसकी मां उसे एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिलवाने के लिए कांके सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा रही थी। पोटपोटो पुल पार करने के बाद बच्ची का रुमाल रास्ते में गिर गया। रुमाल उठाने के लिए वह पीछे लौटी, जबकि उसकी मां कुछ दूरी आगे निकल चुकी थी।
इसी बीच बाइक पर सवार दो युवक वहां पहुंचे और बच्ची को किसी पदार्थ को सूंघा दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। बाद में जब उसे होश आया, तो उसने खुद को लॉ यूनिवर्सिटी रिंग रोड के पास खड़ी एक कार के अंदर पाया।
कार का शीशा आंशिक रूप से खुला हुआ था। बच्ची ने जोर-जोर से मदद के लिए चिल्लाना शुरू किया। पास ही जूस की दुकान लगाए एक दुकानदार ने आवाज सुनते ही स्थिति भांप ली और तुरंत कार की ओर दौड़ा। उसने बच्ची से शीशा खोलने को कहा और मौका मिलते ही उसे कार से बाहर खींच लिया।
अचानक हुई इस घटना से घबराए आरोपी बच्ची को छोड़कर मौके से कार लेकर फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही कांके थाना पुलिस सक्रिय हो गई। थाना प्रभारी प्रकाश रजक ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
इस घटना के बाद इलाके में जूस विक्रेता की बहादुरी की जमकर सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर उसने समय रहते हिम्मत और समझदारी नहीं दिखाई होती, तो बच्ची के साथ कोई बड़ी घटना हो सकती थी।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में रांची में बच्चों से जुड़े अपराधों और गुमशुदगी के मामलों में बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे समय में यह घटना न सिर्फ सतर्क रहने की सीख देती है, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की मिसाल भी पेश करती है।