खूंटी : अनिगढ़ा में कुएं में गिरे 'गजराज', वन विभाग की मुस्तैदी से बची जान

खूंटी : अनिगढ़ा में कुएं में गिरे 'गजराज', वन विभाग की मुस्तैदी से बची जान

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 03, 2026, 12:40:00 PM

खूंटी जिले में एक जंगली हाथी की जान उस समय संकट में पड़ गई, जब वह रिहायशी क्षेत्र से गुजरते हुए अनिगढ़ा इलाके में एक कुएं में गिर गया। समय रहते वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत अभियान चलाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घंटों की मशक्कत के बाद जेसीबी की मदद से कुएं का हिस्सा तोड़कर बाहर निकलने का रास्ता बनाया गया, जिसके सहारे हाथी बाहर आ सका। इसके बाद वह धीरे-धीरे आगे बढ़ गया। हालांकि, घटना के बाद आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

जानकारी के अनुसार, यह हाथी पहले रांची और आसपास के क्षेत्रों में भी देखा गया था। राजधानी से आगे बढ़ते हुए वह दशमाइल और सिलादोन के रास्ते भूत और भंडारा गांव के जंगलों में रुका और फिर तड़के खूंटी शहर में प्रवेश कर गया। शहर के डीएवी रोड, डेली मार्केट और नगर भवन इलाके तक पहुंचने से लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

घटना के दौरान वन विभाग की टीम लगातार उसके मूवमेंट पर नजर बनाए हुए थी। बावजूद इसके, रिहायशी क्षेत्र से निकलते समय वह अनिगढ़ा में एक खुले कुएं में जा गिरा।

खूंटी के डीएफओ कुलदीप यादव ने बताया कि हाथी की बाईं आंख में चोट है और वह बीमार हालत में है। संभवतः झुंड से बिछड़ने की वजह से वह भटकता हुआ शहर की ओर आ गया। उन्होंने कहा कि आम तौर पर अधिक भीड़ या शोर-शराबे की स्थिति में हाथी आक्रामक हो सकते हैं, लेकिन यह हाथी पूरे घटनाक्रम के दौरान शांत रहा और किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया।

वन विभाग की योजना है कि हाथी को कमंता डैम के रास्ते चाईबासा के घने जंगलों की ओर भेजा जाए, जहां उसका प्राकृतिक आवास है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, उसे सुरक्षित तरीके से जंगल तक पहुंचाना फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

वनकर्मियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, हाथी के शहर में प्रवेश और कुएं में गिरने की घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि रिहायशी क्षेत्रों के पास खुले कुएं और वन्यजीवों की आवाजाही को लेकर सुरक्षा इंतजाम कितने पर्याप्त हैं।