कहीं झमाझम बारिश, कहीं झुलसाती गर्मी... झारखंड में मौसम का दोहरा मिजाज

कहीं झमाझम बारिश, कहीं झुलसाती गर्मी... झारखंड में मौसम का दोहरा मिजाज

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 26, 2026, 2:09:00 PM

झारखंड में मानसून ने दोबारा रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है, लेकिन इसके साथ मौसम का असामान्य स्वरूप भी सामने आ रहा है। राज्य के कई जिलों में बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का खतरा बना हुआ है, जबकि पलामू प्रमंडल के कुछ क्षेत्रों में भीषण गर्मी और हीट वेव जैसी परिस्थितियां कायम हैं। बीते 24 घंटों के दौरान वज्रपात की अलग-अलग घटनाओं में 10 लोगों की जान चली गई। इसके साथ ही पिछले लगभग दस दिनों में आकाशीय बिजली से मरने वालों का आंकड़ा 20 से अधिक हो गया है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 1 जुलाई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक के साथ वर्षा, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है। इसे देखते हुए यलो अलर्ट जारी किया गया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।

मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार के कुछ इलाकों में गरज के साथ बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का भी जोखिम बना रहेगा। दूसरी ओर, गढ़वा, पलामू और चतरा के कुछ हिस्सों में गर्म हवाओं का असर जारी रह सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने ऊपरी वायुमंडलीय चक्रवाती परिसंचरण और राजस्थान से पश्चिम बंगाल तक फैली मानसूनी ट्रफ के कारण वातावरण में नमी बढ़ रही है। इसके प्रभाव से आगामी दो से तीन दिनों में मानसून के और मजबूत होने तथा जून के अंतिम सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह के बीच राज्य में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है।

वज्रपात ने ली 10 लोगों की जान

बुधवार रात से गुरुवार तक राज्य के विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 10 लोगों की मौत हो गई। पलामू के उकसु गांव निवासी चिंता कुंवर (60) और गोंगो गांव के अनेश कुमार (12) की वज्रपात से मौत हो गई।

लोहरदगा के बतरू गांव की नीलम कुमारी (11), कोडरमा के फुलवरिया गांव की सोनी कुमारी (26), चतरा के रिमी गांव की पूजा कुमारी (15), महुगाई गांव की सरोज देवी (44) तथा शैवाल गांव के सहदेव ठाकुर (50) भी आकाशीय बिजली की चपेट में आकर जान गंवा बैठे।

जामताड़ा के चड़काडीह गांव में बुधवार रात वज्रपात से घायल हुए बिनु हांसदा (45) और विश्वकर्मा टुडू (15) की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वहीं नैयाडीह गांव में सनातन हांसदा (45) की भी बिजली गिरने से मृत्यु हो गई।

हालांकि मानसून की गतिविधियां बढ़ी हैं, लेकिन पूरे राज्य में अब तक सामान्य के मुकाबले काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। 24 जून तक झारखंड में जहां औसतन 139.9 मिमी बारिश होनी चाहिए थी, वहां केवल 58.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से 58 प्रतिशत कम है।

राजधानी रांची में 1 जून से 25 जून के बीच 125.7 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य के करीब मानी जा रही है। इसके विपरीत अधिकांश जिलों में वर्षा का गंभीर अभाव बना हुआ है। गढ़वा में केवल 1.7 मिमी, साहिबगंज में 3.2 मिमी और चतरा में 6.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। गढ़वा और साहिबगंज फिलहाल राज्य के सबसे अधिक वर्षा-घाटे वाले जिलों में शामिल हैं।

तापमान में फिलहाल राहत के आसार कम

मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों तक अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। इसके बाद दो दिनों के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।

बीते 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इस दौरान चाईबासा में सबसे अधिक 50.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। वहीं डाल्टेनगंज में अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री सेल्सियस और लातेहार में न्यूनतम तापमान 22.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने तथा जारी चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।