2016 हाईस्कूल शिक्षक बहाली मामले में जांच तेज, JSSC ने आयोग के समक्ष सौंपी विस्तृत रिपोर्ट

2016 हाईस्कूल शिक्षक बहाली मामले में जांच तेज, JSSC ने आयोग के समक्ष सौंपी विस्तृत रिपोर्ट

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 16, 2026, 6:08:00 PM

झारखंड में वर्ष 2016 की हाईस्कूल शिक्षक नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर जारी विवाद की जांच अब निर्णायक चरण में पहुंचती दिखाई दे रही है। राज्य हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित वनमैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन के समक्ष शनिवार को झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने नियुक्तियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। इस मामले की जांच सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस गौतम कुमार चौधरी की अध्यक्षता में की जा रही है।

डोरंडा स्थित पुराने हाईकोर्ट परिसर में हुई सुनवाई के दौरान आयोग ने अब तक की नियुक्ति प्रक्रिया, चयन सूची और अन्य संबंधित दस्तावेज आयोग के समक्ष रखे। हालांकि, राज्य सरकार की ओर से दाखिल रिपोर्ट को तकनीकी कारणों से स्वीकार नहीं किया गया। बताया गया कि रिपोर्ट में विभागीय पत्रांक का उल्लेख नहीं था, जिसके चलते आयोग ने उसे अधूरा मानते हुए अगली सुनवाई में संशोधित रूप में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।

मामले की जानकारी देते हुए अधिवक्ता शेखर प्रसाद गुप्ता ने बताया कि आयोग ने अगली सुनवाई की तारीख 23 मई निर्धारित की है। उन्होंने कहा कि जांच प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट सरकार को सौंपी जा सके।

दरअसल, फैक्ट फाइंडिंग कमीशन को हाईकोर्ट ने यह जिम्मेदारी दी है कि वह पूरी नियुक्ति प्रक्रिया की जांच कर तीन महीने के भीतर अपनी अनुशंसा राज्य सरकार को सौंपे। इससे पहले 2 मई को हुई सुनवाई में आयोग ने राज्य सरकार और जेएसएससी को निर्देश दिया था कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुरूप राज्य स्तरीय मेरिट सूची, चयनित शिक्षकों के नाम, प्राप्तांक, नियुक्ति तिथि और अन्य सभी जरूरी जानकारियां शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत की जाएं।

अब दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद आयोग नियुक्तियों की वैधता और प्रक्रिया की पारदर्शिता की जांच करेगा। सुनवाई के दौरान माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद, जेएसएससी के उपसचिव बशीर अहमद समेत कई अधिकारी और अधिवक्ता उपस्थित रहे।

यह पूरा मामला वर्ष 2016 में शुरू हुई हाईस्कूल शिक्षक भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा है, जिसमें 17,786 पदों पर नियुक्तियां होनी थीं। शुरुआत से ही यह बहाली विवादों में रही। लंबे कानूनी संघर्ष के बाद हाईकोर्ट के आदेश पर जेएसएससी ने 26 विषयों की राज्य स्तरीय मेरिट सूची और कटऑफ अंक जारी किए थे।

विवाद की मुख्य वजह जिला स्तरीय और राज्य स्तरीय मेरिट के आधार पर की गई नियुक्तियां हैं। कई अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्होंने निर्धारित कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए, इसके बावजूद जिला स्तर की चयन प्रक्रिया के कारण उन्हें नियुक्ति नहीं मिल सकी। इसी मुद्दे को लेकर मीना कुमारी समेत अन्य अभ्यर्थियों की ओर से कुल 258 याचिकाएं दाखिल की गई थीं।

इन याचिकाओं पर सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने स्वतंत्र जांच के लिए वनमैन फैक्ट फाइंडिंग कमीशन गठित किया, जो अब पूरे मामले की पड़ताल कर रहा है।