असम विधानसभा चुनाव 2026 को ध्यान में रखते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने अपनी चुनावी रणनीति को सक्रिय रूप से आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। पार्टी ने भारत निर्वाचन आयोग को एक संशोधित पत्र भेजकर अपने प्रमुख प्रचारकों की सूची प्रस्तुत की है और राज्य में चुनाव प्रचार के लिए आवश्यक स्वीकृति की मांग की है। पार्टी के इस प्रस्ताव में झारखंड के मुख्यमंत्री और झामुमो अध्यक्ष हेमंत सोरेन को अभियान का प्रमुख चेहरा बनाया गया है। वे असम के विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों में पार्टी की ओर से प्रचार का नेतृत्व करेंगे। इसके अलावा, संगठन के कई वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं को भी स्टार प्रचारकों में शामिल किया गया है, जो अलग-अलग क्षेत्रों में चुनावी सभाएं और जनसंपर्क अभियान चलाएंगे। सूची में शामिल नेताओं में डॉ. सरफराज अहमद, विनोद कुमार पांडेय, सुप्रियो भट्टाचार्य, जोबा माझी, अभिषेक प्रसाद, पंकज मिश्रा, सुदिव्य कुमार, दीपक बिरुवा, चमरा लिंडा, योगेंद्र प्रसाद, विजय हांसदा, कल्पना मुर्मू सोरेन, डॉ. महुआ माजी, हफीजुल हसन, भूषण तिर्की, विकास मुंडा, एम.टी. राजा, आलोक सोरेन और डॉ. लुईस मरांडी जैसे नाम प्रमुख हैं। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि ये सभी नेता हवाई, रेल और सड़क मार्ग से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर व्यापक स्तर पर प्रचार करेंगे। निर्वाचन आयोग को भेजे गए पत्र में झामुमो ने न केवल प्रचार की अनुमति मांगी है, बल्कि इन नेताओं के आवागमन के लिए आवश्यक वाहन पास जारी करने का भी अनुरोध किया है। यह पूरा प्रस्ताव लोकप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 77 के प्रावधानों के अनुरूप प्रस्तुत किया गया है, जो चुनावी व्यय और प्रचार गतिविधियों से संबंधित नियमों को निर्धारित करता है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि झामुमो का यह कदम केवल चुनावी औपचारिकता नहीं, बल्कि असम में अपने संगठनात्मक विस्तार की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। पारंपरिक रूप से झारखंड तक सीमित प्रभाव रखने वाली पार्टी अब अन्य राज्यों में भी अपनी उपस्थिति मजबूत करने के प्रयास में जुटी है। असम चुनाव के बहाने पार्टी अपनी पहुंच बढ़ाने और नए राजनीतिक समीकरण बनाने की दिशा में काम कर रही है।