झारखंड में जल्द लागू होगा नया पुलिस अधिनियम, सरकार ने छह महीने में कानून लाने का दिया भरोसा

झारखंड में जल्द लागू होगा नया पुलिस अधिनियम, सरकार ने छह महीने में कानून लाने का दिया भरोसा

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 14, 2026, 5:07:00 PM

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान पुलिस व्यवस्था में सुधार और पुलिस विभाग के कर्मचारियों से जुड़े मुद्दे सदन में चर्चा का विषय बने। प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायकों सीपी सिंह और राज सिन्हा ने पुलिस विभाग में कार्यरत लिपिकों की पदोन्नति और राज्य के लिए अलग पुलिस अधिनियम बनाए जाने का मुद्दा उठाया। सरकार ने इस पर सकारात्मक रुख दिखाते हुए दोनों मामलों में जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया।

भाजपा विधायक राज सिन्हा ने सदन में कहा कि देश में हाल ही में लागू किए गए नए आपराधिक कानून; भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य में पुलिस व्यवस्था को भी आधुनिक और व्यवस्थित बनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य गठन के 25 वर्ष बाद भी पुलिस व्यवस्था पुराने ढांचे के तहत संचालित हो रही है, जबकि समय के अनुसार अलग और अद्यतन पुलिस अधिनियम की जरूरत महसूस की जा रही है।

इस मुद्दे पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार ने 6 जून 2024 को एक विधिक समिति का गठन किया है। यह समिति इन कानूनों के लागू करने से जुड़ी प्रक्रियाओं, आवश्यक नियमों और मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का प्रारूप तैयार करने का काम कर रही है। इसके साथ ही झारखंड के लिए अलग पुलिस अधिनियम को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से गृह विभाग के निर्देश पर एक उप-समिति भी गठित की गई है।

हालांकि मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विधायक राज सिन्हा ने सवाल उठाया कि इस प्रक्रिया में आखिर कितनी देर और लगेगी। उन्होंने कहा कि राज्य की पुलिस व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए स्पष्ट समयसीमा तय की जानी चाहिए और यह बताया जाना चाहिए कि नया पुलिस अधिनियम कब तक लागू होगा।

विधायक की इस मांग पर चर्चा के बाद प्रभारी मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सदन में घोषणा करते हुए कहा कि झारखंड के लिए पृथक पुलिस अधिनियम तैयार करने की प्रक्रिया जारी है और इसे अगले छह महीनों के भीतर लागू कर दिया जाएगा। सरकार के इस आश्वासन के साथ ही सदन में इस मुद्दे पर चल रही बहस का समापन हुआ।