झारखंड में AI को मिलेगा नया आधार, केंद्र ने 11 डेटा एवं एआई लैब को दी मंजूरी

झारखंड में AI को मिलेगा नया आधार, केंद्र ने 11 डेटा एवं एआई लैब को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने झारखंड में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence) आधारित कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इंडिया एआई मिशन के तहत राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और पॉलिटेक्निक संस्थानों में 11 डेटा एवं एआई लैब स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें से छह संस्थानों की पहचान भी कर ली गई है, जहां शुरुआती चरण में यह परियोजना लागू होगी।

यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में सांसद परिमल नथवाणी द्वारा पूछे गए प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। मंत्री ने बताया कि इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से युवाओं को एआई, डेटा एनोटेशन, डेटा क्यूरेशन और एप्लाइड डेटा साइंस जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप दक्ष मानव संसाधन तैयार हो सकेंगे। 

सरकार ने यह भी बताया कि इंडिया एआई स्टार्टअप फाइनेंसिंग पिलर के अंतर्गत झारखंड को दो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI-CoEs) भी आवंटित किए गए हैं। इन केंद्रों का उद्देश्य राज्य में एआई आधारित नवाचार को गति देना, स्टार्टअप्स और एमएसएमई को प्रोत्साहित करना तथा शैक्षणिक संस्थानों को तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराना है। 

शोध और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए इंडिया एआई फेलोशिप कार्यक्रम के तहत भी झारखंड को लाभ मिला है। अब तक राज्य के आठ शोधार्थियों को फेलोशिप प्रदान की जा चुकी है, जिनमें दो स्नातक स्तर और छह पीएचडी स्तर के शोधार्थी शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य देश में एआई अनुसंधान को मजबूत करना और नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है। 

अपने लिखित उत्तर में केंद्र सरकार ने बताया कि 7 मार्च 2024 को स्वीकृत इंडिया एआई मिशन का कुल बजट 10,371.92 करोड़ रुपये है, जिसे पांच वर्षों में सात प्रमुख स्तंभों के माध्यम से लागू किया जा रहा है। इस मिशन के तहत एआई कंप्यूटिंग, फाउंडेशन मॉडल, डेटासेट प्लेटफॉर्म, एप्लिकेशन डेवलपमेंट, फ्यूचर स्किल्स, स्टार्टअप फाइनेंसिंग और सुरक्षित एवं विश्वसनीय एआई जैसे क्षेत्रों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर 11 हैकाथॉन और इनोवेशन चैलेंज भी शुरू किए गए हैं। 

राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी ने अपने प्रश्न में यह जानना चाहा था कि शासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में एआई के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार झारखंड को किस प्रकार सहयोग प्रदान कर रही है। इसके जवाब में सरकार ने राज्य में चल रही और प्रस्तावित विभिन्न एआई परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की।