रिकॉर्ड बिजली खपत के साथ झारखंड के औद्योगिक सेक्टर की नई तस्वीर, तीन साल में 54% से ज्यादा बढ़ी बिजली मांग

रिकॉर्ड बिजली खपत के साथ झारखंड के औद्योगिक सेक्टर की नई तस्वीर, तीन साल में 54% से ज्यादा बढ़ी बिजली मांग

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Apr 17, 2026, 1:34:00 PM

झारखंड के औद्योगिक परिदृश्य से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, जहां उत्पादन गतिविधियों में तेजी के साथ ऊर्जा की मांग भी रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गई है। राज्य में फैक्ट्रियों के संचालन में आई गति का असर बिजली खपत के आंकड़ों में साफ दिखाई दे रहा है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि औद्योगिक उपयोग के लिए बिजली की मांग अब तक के उच्चतम स्तर पर दर्ज की गई है, जो आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी का संकेत है।

वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य की औद्योगिक बिजली खपत 3,199.09 मेगावाट तक पहुंच गई, जो एक नया शिखर है। पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस मांग में 54.7 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछाल राज्य में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विस्तार और औद्योगिक इकाइयों के बढ़ते संचालन को दर्शाता है।

उधर, ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ पर्यावरणीय संतुलन पर भी ध्यान दिया जा रहा है। झारखंड में नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भी लगातार प्रगति हो रही है और इसकी कुल स्थापित क्षमता 434 मेगावाट तक पहुंच चुकी है। इसमें सौर ऊर्जा का सबसे बड़ा योगदान है, जो 210 मेगावाट है। इसके अलावा बायो-पावर से 199.87 मेगावाट और लघु जलविद्युत परियोजनाओं से 4.05 मेगावाट उत्पादन हो रहा है।

झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास एजेंसी (जरेडा) भी इस बदलाव को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में एजेंसी द्वारा स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता बढ़कर 82.31 मेगावाट हो गई है, जो पिछले आंकड़े 47.5 मेगावाट की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। खास बात यह है कि इसमें 4.17 मेगावाट की हिस्सेदारी छतों पर लगाए गए सोलर पैनलों से आई है, जो आम उपभोक्ताओं के बीच भी स्वच्छ ऊर्जा के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।

कुल मिलाकर, झारखंड जहां एक ओर औद्योगिक विकास की रफ्तार को बनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर ऊर्जा के स्वच्छ और टिकाऊ विकल्पों को अपनाकर संतुलित विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।