झारखंड में स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगा बड़ा विस्तार, आठ नये मेडिकल कॉलेज और RIMS-2 निर्माण की तैयारी

झारखंड में स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगा बड़ा विस्तार, आठ नये मेडिकल कॉलेज और RIMS-2 निर्माण की तैयारी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Mar 12, 2026, 1:09:00 PM

झारखंड विधानसभा में स्वास्थ्य, खाद्य आपूर्ति और आपदा प्रबंधन विभाग के बजट पर चर्चा के दौरान मंत्री इरफान अंसारी ने सरकार की योजनाओं का विस्तार से उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर नागरिक तक बेहतर, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। कटौती प्रस्तावों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे अहम क्षेत्रों को राजनीतिक बहस का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

अपने भाषण की शुरुआत करते हुए अंसारी ने पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को नमन किया और विपक्ष की आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों में राज्य में नौ मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए, जबकि वर्तमान सरकार अकेले इस वर्ष आठ नये मेडिकल कॉलेज खोलने की दिशा में काम कर रही है।

पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी द्वारा RIMS-2 को लेकर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस परियोजना पर इसी साल काम शुरू हो जाएगा। प्रस्तावित अस्पताल परिसर दो चरणों में तैयार किया जाएगा। पहले चरण में 1400 बेड की सुविधा होगी, जबकि दूसरे चरण में इसे बढ़ाकर 2600 बेड तक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

आठ नये मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना

अंसारी ने बताया कि सरकार राज्य में चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा विस्तार करने जा रही है। पहले चरण में जामताड़ा, गिरिडीह, धनबाद, खूंटी और सरायकेला-खरसावां में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। इसके बाद गोड्डा, साहिबगंज और लातेहार में भी कॉलेज खोले जाएंगे। हर मेडिकल कॉलेज में 500 से अधिक अंडरग्रेजुएट और करीब 1000 पोस्टग्रेजुएट सीटें प्रस्तावित हैं, जिससे राज्य के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के लिए बाहर जाने की जरूरत कम होगी और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी।

अस्पतालों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सभी मेडिकल कॉलेजों में एमआरआई मशीन की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा राज्यभर में 25 अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की योजना है। 750 “अबुआ मेडिकल स्टोर” भी खोले जाएंगे ताकि लोगों को किफायती दाम पर दवाएं मिल सकें। रांची के सदर अस्पताल में पहली बार बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू करने की तैयारी भी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि सभी जिलों में एनीमिया की जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी और सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029 तक झारखंड को एनीमिया मुक्त राज्य बनाना है। साथ ही सभी गर्भवती महिलाओं को मुफ्त अल्ट्रासाउंड सुविधा प्रदान की जाएगी। स्वास्थ्य सुविधाओं के दायरे में विस्तार करते हुए उन्होंने कहा कि आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं अब मंत्रियों, विधायकों और पूर्व मंत्रियों को भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

धान खरीद और वस्त्र वितरण पर भी जोर

मंत्री ने खाद्य आपूर्ति विभाग से जुड़ी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में पहली बार वन-टाइम धान खरीद प्रणाली लागू की गई है और अब तक करीब 80 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। जल्द ही शत-प्रतिशत खरीद पूरी होने की उम्मीद है। इसके अलावा धोती-साड़ी वितरण योजना के तहत जरूरतमंद परिवारों को कपड़े उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

अंसारी ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य, पोषण और सामाजिक सुरक्षा के स्तर को बेहतर बनाना है, ताकि झारखंड के हर नागरिक को बुनियादी सुविधाएं आसानी से मिल सकें।