राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कई अहम फैसले लिए हैं। विभाग ने राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना समेत अन्य स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रमों के संचालन के लिए कुल 50 करोड़ रुपये की राशि जारी की है। इस रकम का आधा हिस्सा बीमा प्रीमियम के भुगतान में खर्च किया जाएगा, जबकि शेष धनराशि कार्पस फंड और अन्य आवश्यक मदों में उपयोग की जाएगी।
आयुष्मान योजना से अस्पतालों की होगी नई संबद्धता
स्वास्थ्य विभाग के ताजा आदेश के अनुसार, झारखंड आरोग्य सोसाइटी के माध्यम से अस्पतालों को आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सूचीबद्ध किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सके और योजना का दायरा राज्यभर में व्यापक हो।
धनबाद सदर अस्पताल को मिलेगी नई पहचान
शहरी स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के क्रम में धनबाद सदर अस्पताल के उन्नयन को भी हरी झंडी दे दी गई है। मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में इसके विकास के लिए 11.92 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस परियोजना का क्रियान्वयन झारखंड भवन निर्माण निगम द्वारा किया जाएगा, जिससे अस्पताल की आधारभूत संरचना और मरीजों की सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है।
ग्रामीण इलाकों में भी स्वास्थ्य निवेश
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार को ध्यान में रखते हुए गुमला जिले के पालकोट में 30 बेड वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन निर्माण के लिए 2.70 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। यह राशि राज्य योजना मद से उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण हेतु 2.81 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से शहरी और ग्रामीण, दोनों क्षेत्रों में इलाज की सुविधाएं बेहतर होंगी और आम लोगों को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।