झारखंड में SIR की तैयारी तेज! 8 जनवरी को दिल्ली में समीक्षा बैठक, जानिए कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी

झारखंड में SIR की तैयारी तेज! 8 जनवरी को दिल्ली में समीक्षा बैठक, जानिए कौन से दस्तावेज होंगे जरूरी

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 07, 2026, 4:14:00 PM

भारत निर्वाचन आयोग झारखंड सहित देश के कई राज्यों में प्रस्तावित विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में आयोग ने 8 जनवरी को नई दिल्ली में सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों की अहम बैठक बुलाई है। इस बैठक में अब तक की गई तैयारियों की समीक्षा की जाएगी और अगले चरण के एसआईआर की रूपरेखा तय की जाएगी, जिसमें झारखंड के शामिल होने की पूरी संभावना है।

एसआईआर प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को कुछ निर्धारित दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सूची में शामिल किसी भी एक वैध दस्तावेज के आधार पर सत्यापन किया जाएगा। जांच के समय बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) मतदाताओं से इन्हीं दस्तावेजों की मांग करेंगे, इसलिए इन्हें पहले से सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि वर्ष 2003 में जिन मतदाताओं के नाम झारखंड के बाहर किसी अन्य राज्य की मतदाता सूची में दर्ज थे, उनकी जानकारी चुनाव आयोग की वेबसाइट और संबंधित सीओ कार्यालयों में उपलब्ध है। ऐसे मतदाता एसआईआर के दौरान बीएलओ के सामने फिजिकल मैपिंग भी कर सकते हैं। देश के किसी भी राज्य की पुरानी मतदाता सूची को वेबसाइट से डाउनलोड कर प्रमाण के रूप में संलग्न किया जा सकता है।

एसआईआर के लिए मान्य दस्तावेजों में शामिल हैं:

  • केंद्र या राज्य सरकार, पीएसयू के नियमित कर्मचारी या पेंशनभोगी का पहचान पत्र अथवा पेंशन भुगतान आदेश

  • 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में जारी कोई भी सरकारी या संस्थागत पहचान/प्रमाण पत्र

  • सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र

  • पासपोर्ट

  • मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय का शैक्षणिक प्रमाण पत्र

  • राज्य सरकार द्वारा जारी स्थायी निवास प्रमाण पत्र

  • वन अधिकार प्रमाण पत्र

  • एससी/एसटी/ओबीसी या अन्य जाति प्रमाण पत्र

  • राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (जहां लागू हो)

  • राज्य या स्थानीय निकाय द्वारा तैयार किया गया परिवार रजिस्टर

  • सरकारी भूमि या आवास आवंटन से संबंधित प्रमाण पत्र

  • आधार से जुड़े मामलों में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार दस्तावेज

यदि किसी मतदाता का नाम 2003 की मतदाता सूची में झारखंड के बाहर किसी राज्य में दर्ज है, तो उस सूची की फोटो कॉपी, विधानसभा और जिला विवरण के साथ प्रस्तुत करनी होगी।

नए मतदाताओं के लिए विशेष प्रावधान

पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों को अपने साथ माता या पिता से संबंधित दस्तावेज और एक शपथ पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। वहीं, जो लोग झारखंड के बाहर से आकर यहां पहली बार वोटर बनना चाहते हैं, उन्हें भी यही प्रक्रिया अपनानी होगी।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिनका नाम 2025 की मतदाता सूची में शामिल नहीं है, उन्हें इनोमरेशन फॉर्म नहीं मिलेगा। ऐसे मामलों में दावा या आपत्ति की अवधि के दौरान फॉर्म-6 भरकर आवश्यक दस्तावेज और शपथ पत्र के साथ आवेदन किया जा सकेगा। जिनके माता-पिता या दादा-दादी का नाम 2003 के एसआईआर में दर्ज है, वे उसी रोल को प्रमाण के रूप में संलग्न कर सकते हैं।