हथियार, वाहन और IT सिस्टम होंगे अपग्रेड, झारखंड पुलिस के लिए बड़ा बजट मंजूर

हथियार, वाहन और IT सिस्टम होंगे अपग्रेड, झारखंड पुलिस के लिए बड़ा बजट मंजूर

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 26, 2026, 12:59:00 PM

झारखंड सरकार ने राज्य की पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक सक्षम और संसाधन-संपन्न बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने केंद्र प्रायोजित 'मॉडर्नाइजेशन ऑफ पुलिस फोर्स' योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 8.05 करोड़ रुपये के व्यय को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस राशि का उपयोग पुलिस विभाग की आधारभूत सुविधाओं और तकनीकी क्षमताओं के विस्तार पर किया जाएगा।

इस संबंध में विभाग ने प्रधान महालेखाकार (लेखा), झारखंड को आधिकारिक पत्र जारी कर स्वीकृति की जानकारी दे दी है, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार राशि का उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

स्वीकृत बजट केंद्र और राज्य सरकार की साझा भागीदारी के आधार पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें 4.83 करोड़ रुपये केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि 3.22 करोड़ रुपये राज्य सरकार की ओर से उपलब्ध कराए जाएंगे। यह राशि केंद्र प्रायोजित योजना के निर्धारित 60:40 वित्तीय साझेदारी मॉडल के अनुरूप है।

तकनीक, हथियार और आधारभूत ढांचे पर रहेगा जोर

स्वीकृत धनराशि का उपयोग पुलिस बल की कार्यक्षमता बढ़ाने वाले विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा। इसके तहत आधुनिक हथियारों की खरीद, सूचना प्रौद्योगिकी आधारित उपकरणों का विस्तार, उन्नत संचार प्रणाली विकसित करने, नए पुलिस वाहन उपलब्ध कराने, पुलिसकर्मियों के प्रशिक्षण संसाधनों को सुदृढ़ करने तथा नए पुलिस थानों सहित आवश्यक आधारभूत ढांचे के निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। सरकार का उद्देश्य पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों से लैस कर कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाना है।

विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत कार्य योजनाओं, अतिरिक्त परियोजनाओं और विशेष योजनाओं की वैधता को 2026-27 तक बढ़ा दिया गया है। इससे पहले से स्वीकृत परियोजनाओं को बिना बाधा आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत राशि का उपयोग योजना के निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप शीघ्र किया जाए, ताकि पुलिस आधुनिकीकरण से जुड़े कार्य तय समय में पूरे हो सकें।