देश में लागू किए गए नए आपराधिक कानूनों की बेहतर समझ सुनिश्चित करने के लिए झारखंड पुलिस ने राज्यभर में विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। इस पहल के तहत पुलिस विभाग में कार्यरत सभी आरक्षियों और हवलदारों को भारतीय न्याय प्रणाली में हुए हालिया बदलावों की जानकारी दी जाएगी। यह पहल प्रशिक्षण निदेशालय, झारखंड पुलिस द्वारा केंद्र सरकार की संस्था ब्यूरो ऑफ पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट (BPR&D) के निर्देशों के अनुरूप शुरू की गई है।
प्रशिक्षण निदेशालय की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक यह कार्यक्रम जिला स्तर पर आयोजित किया जाएगा, जहां प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर्स जवानों को नए कानूनों के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराएंगे। इसका उद्देश्य पुलिस बल को अद्यतन कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक करना और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए तैयार करना है।
यह प्रशिक्षण दो दिनों का होगा, जिसमें हाल ही में लागू किए गए तीन प्रमुख कानून; भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) से जुड़े अहम प्रावधानों और बदलावों की विस्तार से जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम 9 मार्च से शुरू किया गया है और लक्ष्य रखा गया है कि 31 मार्च तक राज्य के सभी आरक्षियों और हवलदारों को यह प्रशिक्षण पूरा करा दिया जाए।
राज्य के सभी जिलों में संबंधित एसएसपी और एसपी की देखरेख में यह प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक जिले में चयनित मास्टर ट्रेनर्स अलग-अलग सत्रों के माध्यम से जवानों को प्रशिक्षित करेंगे।
यह अभियान केवल जिला पुलिस तक सीमित नहीं रहेगा। अपराध अनुसंधान विभाग (CID), झारखंड पुलिस अकादमी, झारखंड जगुआर, आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS), भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), रेल पुलिस और जंगल वारफेयर स्कूल जैसे विभिन्न पुलिस इकाइयों में तैनात जवानों को भी इसमें शामिल किया जाएगा। इन इकाइयों के कर्मियों को उनके नजदीकी जिला मुख्यालयों में आयोजित प्रशिक्षण सत्रों में भाग लेने का अवसर दिया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि नए आपराधिक कानूनों की समुचित जानकारी मिलने से पुलिस बल की कार्यकुशलता बढ़ेगी और आपराधिक मामलों की जांच व कार्रवाई अधिक प्रभावी तरीके से की जा सकेगी।