अपराध या अन्य घटनाओं से प्रभावित लोगों तथा उनके आश्रितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए महत्वपूर्ण बजटीय प्रावधान किया है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अधीन अभियोजन निदेशालय ने झारखंड विक्टिम कम्पनसेशन स्कीम-2012 के तहत राज्य के चयनित जिलों को कुल 6.71 करोड़ रुपये जारी करने का आदेश दिया है।
अभियोजन निदेशक राज कुमार सिंह द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यह राशि उन पीड़ितों और उनके परिजनों को राहत पहुंचाने के लिए दी जाएगी, जो योजना के प्रावधानों के तहत मुआवजा पाने के पात्र हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्वीकृत मामलों में लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से आर्थिक सहयोग मिल सके।
सरकार की ओर से जारी आवंटन सूची में नौ जिलों को शामिल किया गया है। इनमें सबसे अधिक राशि पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले को दी गई है। जिलावार आवंटन इस प्रकार है:
राशि के उपयोग को लेकर सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर कई शर्तें निर्धारित की हैं। प्रत्येक जिले में उपायुक्त अथवा उनके द्वारा नामित अधिकारी को ड्राइंग एंड डिस्बर्सिंग ऑफिसर (DDO) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। भुगतान की प्रक्रिया संबंधित जिला या अनुमंडल कोषागार के माध्यम से पूरी की जाएगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आवंटित धनराशि का उपयोग केवल पीड़ित मुआवजा वितरण के लिए किया जा सकेगा। किसी अन्य मद में इसका इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होगी। इसके अलावा, यदि वित्तीय वर्ष के भीतर पूरी राशि खर्च नहीं हो पाती है, तो शेष धनराशि को निर्धारित समय सीमा के भीतर वापस करना होगा।