झारखंड में सुरक्षा ढांचे का पुनर्गठन! 2053 SAT जवानों की तैनाती, 37 टीमें बनेंगी क्राइम टास्क फोर्स

झारखंड में सुरक्षा ढांचे का पुनर्गठन! 2053 SAT जवानों की तैनाती, 37 टीमें बनेंगी क्राइम टास्क फोर्स

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 09, 2026, 11:20:00 AM

झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य में स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (SAT) और इंडियन रिजर्व बटालियन (IRB) बलों की तैनाती से जुड़ी नई स्थिति रिपोर्ट जारी की है। इसके तहत नक्सल प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर बलों की प्रतिनियुक्ति की गई है। राज्यभर में फिलहाल 124 टीमों के माध्यम से कुल 2053 जवान विभिन्न इलाकों में तैनात हैं।

नई रणनीति के तहत पुलिस विभाग ने सैट की कई इकाइयों की भूमिका में बदलाव करने का फैसला लिया है। राज्य के 13 विशेष सुरक्षा व्यय (SRE) जिलों से दो-दो टीमों और अन्य 11 जिलों से एक-एक टीम को लेकर कुल 37 सैट इकाइयों को क्राइम टास्क फोर्स के रूप में विकसित किया जाएगा। माना जा रहा है कि इसका उद्देश्य संगठित अपराध, उग्रवाद और विशेष अभियानों में तेज कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

ताजा प्रतिनियुक्ति सूची में पलामू और लातेहार सबसे अधिक सुरक्षा बलों वाले जिले के रूप में सामने आए हैं। पलामू में बड़ी संख्या में सैट टीमें अलग-अलग क्षेत्रों में तैनात की गई हैं, जबकि लातेहार में सैट के साथ आईआरबी की अतिरिक्त इकाइयों को भी सक्रिय रखा गया है। इन जिलों को लंबे समय से सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील माना जाता रहा है।

राजधानी रांची में भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। यहां बुंडू, तमाड़, सिल्ली और खेलारी जैसे इलाकों में पांच सैट टीमें तैनात हैं। दूसरी ओर सिमडेगा में नियमित बलों के अतिरिक्त चार अस्थायी सैट टीमों को भी लगाया गया है, जो सीमावर्ती और संवेदनशील पिकेट क्षेत्रों में निगरानी कर रही हैं।

रिपोर्ट के अनुसार कुछ जिलों में फिलहाल सैट बलों की तैनाती नहीं की गई है। कोडरमा, धनबाद और पाकुड़ में वर्तमान समय में कोई सैट इकाई सक्रिय नहीं है। वहीं चतरा, हजारीबाग और गिरिडीह में पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बलों की मौजूदगी दर्ज की गई है। चतरा में आईआरबी-03 की कई टीमें तैनात हैं, जबकि गिरिडीह में जैप की विभिन्न बटालियनें सुरक्षा जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

पुलिस मुख्यालय का मानना है कि यह पुनर्संरचना राज्य में सुरक्षा तंत्र को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। खासकर उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों की नई तैनाती और क्राइम टास्क फोर्स के गठन से अभियान क्षमता में बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।