झारखंड सरकार ने सोमवार को राजधानी स्थित प्रोजेक्ट भवन में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। कार्यक्रम में कुल 318 सहायक आचार्यों और 17 महिला पर्यवेक्षिकाओं को आधिकारिक नियुक्ति प्रदान की गई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं मौजूद रहे।
समारोह के दौरान मंत्री संजय यादव ने कहा कि राज्य में रोजगार सृजन की दिशा में सरकार लगातार सक्रिय है और यह नियुक्तियां मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की प्राथमिकताओं का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को सरकारी सेवाओं से जोड़ने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी और आने वाले समय में अन्य विभागों में भी नियुक्तियां की जाएंगी।
वहीं संसदीय कार्यमंत्री राधाकृष्ण किशोर ने नव नियुक्त शिक्षकों को संबोधित करते हुए शिक्षा क्षेत्र की जिम्मेदारियों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की सबसे अहम कड़ी होते हैं और उन्हें अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से अपेक्षा जताई कि वे राज्य के सामाजिक और शैक्षणिक विकास में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
राधाकृष्ण किशोर ने झारखंड आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य निर्माण में शिबू सोरेन की भूमिका ऐतिहासिक रही है और वर्तमान सरकार उसी सोच को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है और नई पीढ़ी को इस दिशा में सकारात्मक योगदान देना चाहिए।
कार्यक्रम में मौजूद नव नियुक्त कर्मियों से मंत्रियों ने अपील की कि वे अपने कार्यों के माध्यम से सरकार की विकास योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सहयोग करें और जनता के विश्वास को मजबूत बनाएं।