झारखंड में साइबर अपराध पर लगाम की तैयारी, CID ने डायल 1930 कंट्रोल रूम के लिए चुने तकनीक-प्रवीण सिपाही

झारखंड में साइबर अपराध पर लगाम की तैयारी, CID ने डायल 1930 कंट्रोल रूम के लिए चुने तकनीक-प्रवीण सिपाही

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 16, 2026, 12:56:00 PM

रांची स्थित झारखंड सीआईडी मुख्यालय में साइबर अपराधों से निपटने की दिशा में एक महत्वपूर्ण चयन प्रक्रिया पूरी की गई। राज्य के विभिन्न जिलों से आए लगभग 50 पुलिस सिपाहियों ने डायल 1930 सेवा के लिए आयोजित साक्षात्कार में भाग लिया। दिनभर चले इस मूल्यांकन में उम्मीदवारों की तकनीकी समझ, कंप्यूटर ज्ञान और साइबर मामलों से जुड़ी जानकारी की जांच की गई।

सूत्रों के अनुसार, इस भर्ती प्रक्रिया का उद्देश्य ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान करना है जो डिजिटल तकनीक और साइबर अपराधों से जुड़े मामलों को प्रभावी ढंग से संभाल सकें। चयनित अभ्यर्थियों के नामों की घोषणा इसी महीने के अंत तक किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सफल उम्मीदवारों को डायल 1930 के कंट्रोल रूम में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इन पुलिसकर्मियों का प्रमुख कार्य साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी और अन्य डिजिटल अपराधों से जुड़ी शिकायतों को तुरंत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना होगा, ताकि समय रहते कार्रवाई शुरू की जा सके और पीड़ितों को राहत मिल सके।

समय पर शिकायत दर्ज कराना बेहद जरूरी

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर पीड़ित को तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करना चाहिए। शुरुआती कुछ घंटों के भीतर दर्ज की गई शिकायतों में ठगे गए पैसे को रोकने या वापस पाने की संभावना अपेक्षाकृत अधिक रहती है।

शिकायत दर्ज कराने के दौरान कॉल करने वाले व्यक्ति को अपनी पहचान से जुड़ी जानकारी, मोबाइल नंबर, बैंक खाते का विवरण और संदिग्ध लेन-देन से संबंधित आवश्यक तथ्य उपलब्ध कराने होते हैं। इसके बाद कंट्रोल रूम में मौजूद कर्मी शिकायत को संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों तक पहुंचाकर आवश्यक प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हैं।

झारखंड में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए सीआईडी की यह पहल राज्य की साइबर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।