झारखंड की संस्कृति और विरासत से रूबरू हुए IIT इंदौर के विद्यार्थी, राज्यपाल ने दिया नवाचार और राष्ट्रसेवा का संदेश

झारखंड की संस्कृति और विरासत से रूबरू हुए IIT इंदौर के विद्यार्थी, राज्यपाल ने दिया नवाचार और राष्ट्रसेवा का संदेश

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jun 16, 2026, 6:43:00 PM

झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा है कि भारत की सांस्कृतिक विविधता ही उसकी सबसे बड़ी पहचान और शक्ति है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की बहुरंगी परंपराओं को समझें, नवाचार को अपनाएं और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

लोक भवन, रांची में आयोजित ‘युवा संगम’ कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने आईआईटी (आईएसएम) धनबाद की मेजबानी में झारखंड पहुंचे आईआईटी इंदौर के विद्यार्थियों से संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विभिन्न राज्यों के युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपराओं और जीवनशैली को करीब से जानने का अवसर देते हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता और आपसी समझ को मजबूती मिलती है।

राज्यपाल ने झारखंड की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यह राज्य प्राकृतिक संपदाओं, समृद्ध जनजातीय विरासत, लोक संस्कृति और स्वतंत्रता आंदोलन के महान नायकों की गौरवशाली स्मृतियों से समृद्ध है। उन्होंने आशा जताई कि यहां का अनुभव और स्थानीय लोगों का स्नेह विद्यार्थियों के लिए लंबे समय तक यादगार रहेगा।

अपने संबोधन में गंगवार ने कहा कि आज का दौर ज्ञान, अनुसंधान और तकनीकी नवाचार का है, जिसमें युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भी शोध, नवाचार तथा बहुआयामी शिक्षा को बढ़ावा देने का कार्य कर रही है।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों को केवल पेशेवर सफलता तक सीमित न रहने की सलाह देते हुए कहा कि एक जिम्मेदार, संवेदनशील और नैतिक नागरिक के रूप में समाज के प्रति योगदान देना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और ज्ञान का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल करना नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाना भी है।

स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं को अपने लक्ष्यों के प्रति समर्पित रहने और अपनी प्रतिभा का उपयोग मानवता तथा समाज के हित में करने का संदेश दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि ‘युवा संगम’ जैसे अनुभव प्रतिभागियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक होंगे और वे “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना को अपने साथ लेकर लौटेंगे।

कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव डॉ. नितिन कुलकर्णी, आईआईटी (आईएसएम) धनबाद एवं आईआईटी इंदौर के शिक्षक, अधिकारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।