झारखंड से बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) राजीव रंजन ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने लोकभावन को इस्तीफा भेज दिया है। उनके द्वारा अचानक दिए गए इस इस्तीफे से सियासी गलियारे में अटकलें तेज हो गई है। हालांकि राजीव रंजन ने इस्तीफा क्यों दिया, इसके पीछे की वजहों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
महाधिवक्ता (एडवोकेट जनरल) राजीव रंजन का इस्तीफा स्वीकार किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही नए महाधिवक्ता की नियुक्ति को लेकर कोई संकेत दिया गया है। उनके इस्तीफे की खबर के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
राजीव रंजन पिछले कई वर्षों से झारखंड सरकार के महाधिवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे और राज्य सरकार से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में अदालतों के समक्ष सरकार का पक्ष रखते रहे हैं। राजीव रंजन हाई कोर्ट के वरीय अधिवक्ता हैं. वह फरवरी 2020 से महाधिवक्ता के पद पर हैं।
सरकार में इस बात की भी चर्चा है कि वह अब सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करेंगे। दिल्ली में उन्होंने अपना एक कार्यालय भी खोल रखा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बता दें कि महाधिवक्ता का पद किसी भी राज्य की कानूनी व्यवस्था और रणनीति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी किसे सौंपती है।
फिलहाल इस्तीफा स्वीकार किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है और न ही नए महाधिवक्ता के नाम को लेकर कोई संकेत दिया गया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस संबंध में औपचारिक घोषणा की जा सकती है। फ़िलहाल उनके इस्तीफे की खबर के बाद राजनीतिक और कानूनी हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।