झारखंड में आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह सक्रिय रहने वाला है। मौसम विभाग ने संकेत दिया है कि 9 मई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज हवाओं, बारिश और वज्रपात की स्थिति बनी रह सकती है। 4 मई के लिए आंशिक बादल और हल्की से मध्यम वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है, जबकि कई जिलों में तेज आंधी को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
विभाग के अनुसार, कुछ इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसको देखते हुए देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, पाकुड़ समेत रांची, बोकारो, गुमला, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा और कोडरमा जैसे जिलों को ऑरेंज अलर्ट पर रखा गया है। इन क्षेत्रों में तेज हवा के साथ बारिश जनजीवन को प्रभावित कर सकती है।
मौसम में इस बदलाव के पीछे एक सक्रिय साइक्लोनिक सर्कुलेशन को जिम्मेदार माना जा रहा है। मई की शुरुआत से ही इसका प्रभाव राज्यभर में महसूस किया जा रहा है, जिससे जहां एक ओर तापमान में गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर लोगों को गर्मी से राहत मिली है। विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में लगभग 3 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है।
4 और 5 मई को लेकर विभाग ने विशेष चेतावनी जारी की है। 4 मई को रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा, दुमका, देवघर, गोड्डा, साहिबगंज और पाकुड़ में गरज के साथ हल्की बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। वहीं 5 मई को रांची के अलावा खूंटी, हजारीबाग, पूर्वी और पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, कोडरमा, देवघर, जामताड़ा, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज में आंधी तेज होने की आशंका है। इन दोनों दिनों के लिए ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है।
बीते 24 घंटों के दौरान भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम ने करवट ली। विभिन्न जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा दर्ज की गई, जिसमें चाकुलिया में सबसे अधिक 33.6 मिमी बारिश हुई। इसके अलावा सिमडेगा में 6 मिमी, बोकारो में 4 मिमी और जमशेदपुर में 2 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। राजधानी रांची में भी शाम के समय हुई तेज बारिश से मौसम सुहावना हो गया।
तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। हजारीबाग और रांची में अधिकतम तापमान क्रमशः 33 और 33.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि मेदिनीनगर में 38.5 डिग्री और बोकारो में 31.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य स्तर से नीचे है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक रूप से खुले स्थानों में न जाने और तेज हवा व वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।