झारखंड खनिज संपदा का पावरहाउस, यहां उद्योग और रोजगार की असीम संभावनाएँ: राज्यपाल

झारखंड खनिज संपदा का पावरहाउस, यहां उद्योग और रोजगार की असीम संभावनाएँ: राज्यपाल

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : Jan 29, 2026, 7:02:00 PM

रांची के धुर्वा स्थित प्रभात तारा मैदान में शुक्रवार को आयोजित द्वितीय झारखंड माइनिंग एवं कंस्ट्रक्शन शो–2026 का उद्घाटन करते हुए राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कहा कि झारखंड देश के खनन मानचित्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरता रहा है। उन्होंने बताया कि भारत के कुल खनिज संसाधनों का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा झारखंड में उपलब्ध है, जो राज्य को औद्योगिक विकास, निवेश आकर्षण और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के लिहाज से विशेष बनाता है।

राज्यपाल ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की पावन धरती झारखंड आज सामाजिक और आर्थिक प्रगति के साथ-साथ राष्ट्र निर्माण में भी अहम योगदान दे रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के ‘विकसित भारत @2047’ के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि आत्मनिर्भर और सशक्त भारत के इस संकल्प में झारखंड की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि संसाधनों का उपयोग केवल मुनाफे तक सीमित न रहकर समाज के अंतिम पायदान तक विकास पहुंचाने का माध्यम बनना चाहिए।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि झारखंड माइनिंग एवं कंस्ट्रक्शन शो–2026 महज खनन गतिविधियों का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि यह तकनीक-आधारित और उत्तरदायी खनन, संसाधनों के संतुलित उपयोग, श्रमिक कल्याण, बुनियादी ढांचे के विस्तार, निवेश प्रोत्साहन और रोजगार सृजन जैसे महत्वपूर्ण समकालीन विषयों पर केंद्रित है। उन्होंने उद्योग और पर्यावरण, आर्थिक उन्नति और सामाजिक संतुलन, तथा औद्योगिक विकास और श्रमिक हितों के बीच सामंजस्य बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

राज्यपाल गंगवार ने कहा कि खनन क्षेत्र का भविष्य टिकाऊ विकास, पारदर्शिता और सामाजिक जवाबदेही पर आधारित होना चाहिए। श्रमिकों की सुरक्षा, उनके कौशल विकास और सम्मानजनक जीवन स्तर को सुनिश्चित करना सरकार, उद्योग और समाज, तीनों की साझा जिम्मेदारी है। साथ ही, उन्होंने उद्योग जगत से कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत जनकल्याण को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

उन्होंने विश्वास जताया कि यह माइनिंग एवं कंस्ट्रक्शन शो उद्योग प्रतिनिधियों, नीति-निर्माताओं, निवेशकों और श्रमिक संगठनों के बीच सकारात्मक संवाद का मंच बनेगा और यहाँ से निकलने वाले विचार झारखंड सहित पूरे देश के खनन और औद्योगिक क्षेत्र को नई दिशा देंगे।

कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने प्रदर्शनी स्थल पर लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण भी किया और वहां प्रदर्शित तकनीकों व नवाचारों की जानकारी ली।