झारखंड HC का बड़ा फैसला! एसिड अटैक मामलों के लिए तय समयसीमा, दिव्यांग वादियों को भी मिलेगी प्राथमिकता

झारखंड HC का बड़ा फैसला! एसिड अटैक मामलों के लिए तय समयसीमा, दिव्यांग वादियों को भी मिलेगी प्राथमिकता

By : स्वराज पोस्ट | Edited By: Urvashi
Updated at : May 01, 2026, 11:30:00 AM

न्यायिक प्रक्रियाओं को अधिक तेज, संवेदनशील और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से झारखंड हाईकोर्ट ने अहम पहल की है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में उच्च न्यायालय ने एसिड अटैक से जुड़े मामलों और दिव्यांग व्यक्तियों से संबंधित मुकदमों के निपटारे के लिए नई व्यवस्था लागू की है।

हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल सत्य प्रकाश सिन्हा द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, अब राज्य भर में एसिड हमले से जुड़े लंबित मामलों का निपटारा अधिकतम छह महीने के भीतर करना अनिवार्य होगा। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के एक महत्वपूर्ण फैसले (शाहीन मलिक बनाम यूनियन ऑफ इंडिया) के आधार पर उठाया गया है, जिसमें ऐसे मामलों के शीघ्र निपटारे पर जोर दिया गया था।

नई गाइडलाइंस का उद्देश्य पीड़ितों को न्याय के लिए लंबा इंतजार न करना पड़े, यह सुनिश्चित करना है। अदालत का मानना है कि समयबद्ध सुनवाई से पीड़ितों को मानसिक और सामाजिक रूप से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

इसके साथ ही, अदालत ने स्पष्ट किया है कि एसिड अटैक पीड़ितों और दिव्यांग वादियों से जुड़े मामलों को अब प्राथमिकता के आधार पर सूचीबद्ध किया जाएगा। इससे इन मामलों की सुनवाई में देरी कम होगी और अदालतें इन्हें प्राथमिकता से निपटाएंगी।

हाईकोर्ट ने इन निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित सभी पक्षों को अवगत करा दिया है। आदेश की प्रतियां एडवोकेट जनरल, राज्य बार काउंसिल के अध्यक्ष और न्यायालय के विभिन्न रजिस्ट्रारों को भेजी गई हैं। साथ ही, इसे आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रकाशित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि न्यायिक तंत्र के सभी स्तरों पर इसका पालन सुनिश्चित किया जा सके।