झारखंड हाईकोर्ट ने चौकीदार पद पर नियुक्ति से जुड़े एक अहम विवाद का निपटारा करते हुए अभ्यर्थियों के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि किसी उम्मीदवार का उसी निर्धारित “बीट” क्षेत्र का स्थायी निवासी होना बहाली की अनिवार्य शर्त नहीं माना जा सकता।
यह मामला गिरिडीह जिले के पवन कुमार राय से संबंधित है, जिन्होंने चौकीदार पद के लिए आवेदन किया था। जिला प्रशासन और राज्य सरकार ने उनकी उम्मीदवारी यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि वह उस विशेष बीट क्षेत्र के निवासी नहीं हैं, जहां पद रिक्त था। प्रशासन के इस निर्णय को पवन कुमार राय ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने प्रशासनिक कार्रवाई को गलत ठहराते हुए स्पष्ट किया कि केवल बीट क्षेत्र में निवास न होना किसी अभ्यर्थी को अयोग्य ठहराने का आधार नहीं बन सकता। इस प्रकरण की सुनवाई न्यायमूर्ति आनंद सेन की एकल पीठ में हुई।
इस फैसले के बाद राज्यभर में चौकीदार बहाली की प्रक्रिया में शामिल उन उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है, जिनके आवेदन केवल तकनीकी कारणों से निरस्त कर दिए गए थे। अब जिला स्तर पर होने वाली नियुक्तियों में आसपास के बीट क्षेत्रों के अभ्यर्थियों के लिए भी अवसर का रास्ता खुल गया है।